भैय्यादूज के लिए च्यूड़े बनाती महिलाएं।
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दीपावली के मौके पर लोगों ने गोवर्द्धन पूजा की। पशुपालकों ने गायों का टीका चंदन कर उनकी आरती उतारी। पीठ में आटे का ठप्पा लगाया। उन्हें पकवान, मिठाई और चारा खिलाया। लोगों ने भगवान श्री कृष्ण से उनके मवेशियों की आपदाओं से सुरक्षा करने की प्रार्थना की।
इसके अंतर्गत बृहस्पतिवार को सुबह महिलाओं ने घर-घर में भैय्यादूज के लिए च्यूड़े के बनाए। शुक्रवार को इन्हें घरों और मंदिरों में अपने आराध्य को अर्पित करने के बाद बहनें भाईयों कि सिर पर च्यूड़े रखकर उनके दीर्घ और सुखमय जीवन की कामना करेंगी। इस पर्व को लेकर बहनों में खास उत्साह बना है। कपकोट बाजार में च्यूड़े बनाने वालों में चंपा पोहरियाल, हंसी देवी, पार्वती, दीपा, हंसा, लक्ष्मी, कमला, सरला, पानुली देवी आदि शामिल थीं।
गरुड़ तहसील में गोवर्द्धन पूजा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। ग्रामीणों ने अपनी गायों को खिलाकर उनकी पूजा की। गोवर्द्धन पूजा के दिन स्थानीय गरुड़, कौसानी, डंगोली, गागरीगोल, वज्यूला, देवनाई आदि बाजारों में खाशी चहल पहल रही।
इसके अलावा अन्नकूट पर्व की पूर्व संध्या पर ग्रामीणों ने अपने घर के आंगन में बनी ओखली में अन्नकूट किया। ग्रामीण शुक्रवार के दिन अन्नकूट पर्व धूमधाम से मनायेंगे। अन्नकूट क्षेत्र की वर्षों पुरानी पंरपरा है। कत्यूर घाटी के ग्रामीण आज भी धान भून कर च्यूड़ा घर में ही बनाते हैं। कनिष्ठ प्रमुख प्रकाश कोहली ने बताया कि वह अन्नकूट पर्व की पूर्व संध्या पर अपनी घर की ओखली में चालीस साल से च्यूड़ा कूटते आ रहे हैं।