बागेश्वर के श्रीनौला धारे से पानी भरते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। सरयू और गोमती नदी के संगम तट पर बसे बागेश्वर शहर के लोग पीने के लिए पानी के लिए तरस रहे हैं। नगर के तमाम हिस्सों पर सालभर पानी की किल्लत बनी रहती है। नगर के लोग श्रीनौला धारे के साथ ही हैंडपंपों पर निर्भर हो गए हैं। श्रीनौलाधारे के पास अधिकतर समय पानी बर्बाद होता है। इस पानी का सदुपयोग होने से लोगों के घरों तक पानी पहुंच सकता है। इससे काफी हद तक नगर की पेयजल किल्लत दूर होगी। नगर की करीब 50 हजार आबादी को 7.28 एमएलडी पानी की जरूरत है लेकिन आपूर्ति केवल 3.60 एमएलडी ही हो पा रही है। शुक्रवार को श्रीनौला धारे के साथ ही हैंडपंपों में लोगों का जमावड़ा लगा था।
सुबह 11:23 बजे
श्रीनौलाधारे के पास पीने का पानी भरने और कपड़े धोने के लिए पहुंचीं दुग बाजार निवासी कमला देवी का कहना था कि घर में पेयजल संयोजन नहीं है। धारे से ही पानी भरना पड़ता है।
सुबह 11:27 बजे
श्रीनौलाधारे के पास पानी भर रहे मंडलसेरा निवासी बबलू उनियाल कहना था कि घर में पानी एक दिन छोड़कर आता है। कई बार जरूरत के हिसाब से पानी नही मिल पाने की वजह से श्रीनौलाधारे से पानी भरना पड़ता है।
सुबह 11:40 बजे
श्रीनौलाधारे के पास पानी भरने के लिए पहुंचे दुग बाजार निवासी चेतन आर्या ने बताया कि उनके घर में पानी समय से नहीं आता है। कभी कभार दो-तीन दिन में रात के समय पानी आता है। आज भी पानी नहीं आया।
सुबह 11:47 बजे
तहसील रोड पर हैंडपंप से पानी भरने के लिए पहुंचे मजियाखेत निवासी मनोज का कहना था कि मजियाखेत में आए दिन पानी की समस्या बनी रहती है। पानी भरने के लिए 500 मीटर दूर तहसील रोड तक आना पड़ रहा है।
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