बागेश्वर में बंदरों के लिए लगाया पिंजरा।
- फोटो : अमर उजाला
नगर व आसपास के क्षेत्रों में कटखने बंदरों से निजात मिलने वाली है। वन विभाग ने बंदरों को पकड़ने के अभियान की शुरूआत कर दी है। पिंजड़े लगाकर बंदरों को पकड़ा जा रहा है।
नगर क्षेत्र सहित आस पास के क्षेत्रों में बंदरों का आतंक बना हुआ है। इससे किसानों का खेती करना तथा बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है। कई बच्चे तथा महिलाओं को तो कटखने बंदर घायल कर चुके हैं। इस बीच वन विभाग ने बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया है। चंडिका मंदिर सहित विभिन्न स्थानों में बंदर पकड़ने के लिए तीन पिंजड़े लगाए गए हैं।
पिंजड़ा लगाया चंडिका में, बंदर घूम रहे हैं बाजार में
बागेश्वर। वन विभाग को सोमवार के दिन बंदर पकड़ने में सफलता नहीं मिल सकी। वन विभाग ने बताया कि चंडिका मंदिर के समीप पिंजड़ा लगाया गया है। शाम तक एक भी बंदर पिंजड़े में नहीं फंस सका। व्यापारियों ने बताया कि बंदर दिन भर बाजार में उत्पात मचाते रहे।
काेट
बंदरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए वन विभाग द्वारा अभियान संचालित किया जा रहा है। पिंजड़ा लगाकर बंदरों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पकड़े गए बंदरों को हरिद्वार के चिड़ियापुर बंदरबाड़े में भेजा जाएगा। आरके सिंह, डीएफओ बागेश्वर