गरुड़ (बागेश्वर)। मेलाडुंगरी के हेलीपैड को हेलीपोर्ट में तब्दील किया जाएगा। हेलीपोर्ट का निर्माण आधुनिक तकनीक से होगा। हेलीपोर्ट से तीन से अधिक हेलीकाॅप्टर की उड़ान भरेंगे। मेलाडुंगरी गांव के काश्तकारों की ओर से हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए जमीन देने से हेलीपोर्ट निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
मेलाडुंगरी के हेलीपैड काे हेलीपोर्ट का दर्जा देने के संबंध में डीएम अनराुधा पाल ने नागरिक उड्डयन विभाग ने कुछ माह पूर्व कहा था। डीएम के प्रस्ताव के बाद नागरिक उड्यन विभाग के आला अधिकारियों और डीएम ने मेलाडुंगरी के हेलीपैड का निरीक्षण किया। नागरिक उड्डयन विभाग ने मेलाडुंगरी के हेलीपैड को हेलीपोर्ट के लिए उचित पाया। हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए जमीन देने के संबंध में ग्रामीणों की कई बार प्रशासन से वार्ता हुई। बृहस्पतिवार को एसडीएम जितेंद्र वर्मा की हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए जमीन के संबंध में तहसील मुख्यालय में मेलाडुंगरी के काश्तकारों से वार्ता हुई। वार्ता में मेलाडुंगरी के 11 काश्तकारों ने अपनी नाप जमीन हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए सहमति दी। मेलाडुंगरी के पूर्व ग्राम प्रधान बलवंत भंडारी ने बताया कि मेलाडुंगरी में हेलीपैड का निर्माण 2010 में हुआ था। हेलीपैड के निर्माण के लिए तब भी ग्रामीणों ने जमीन दी थी।
हेलीपोर्ट एक निश्चित आधार संरचना है जो सीमा शुल्क, रखरवाव, ईंधन बंकरिंग और अग्निशमन सहित कई प्रकार की सेवाएं प्रदान करता है। मेलाडुंगरी में हेलीपोर्ट बनने से जिले के पर्यटन विकास को बल मिलेगा। जमीन नागरिक उड्यन विभाग को हस्तांतरित होते ही मेलाडुंगरी में हेलीपोर्ट का निर्माण शुरू हो जाएगा। हेलीपोर्ट के बन जाने के बाद उत्तराखंड के कई जिलों के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। -डीएम अनुराधा पाल, बागेश्वर।