बागेश्वर। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना छोटे उद्योगों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। योजना के तहत प्रशिक्षण के साथ पांच फीसदी ब्याज पर ऋण मिलेगा। अगले साल ऋण की सीमा दोगुनी हो जाएगी। जिले में 44 लोगों ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराया है।
भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के अधीन पीएम विश्वकर्मा योजना पिछले महीने 17 सितंबर को ही शुरू हुई है। इस योजना के दायरे में कुम्हार, मूर्तिकार (पत्थर तराशने वाला /पत्थर तोड़ने वाला), बढ़ई, लोहार, हथौड़ा, टूल किट, ताला, नाव निर्माण, सुनार (स्वर्ण-चांदी आभूषण निर्माण) आदि को रखा गया है। योजना के तहत व्यवसाय शुरू करने से पूर्व 15 दिन या उससे अधिक समय तक कौशल विकास प्रशिक्षण की व्यवस्था है। आवेदकों को जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से लाभान्वित किया जाएगा। इसकी कवायद शुरू हो गई है।
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक चंद्र मोहन सिंह रावत ने बताया कि 18 सूक्ष्म, लघु व्यवसाय को योजना में शामिल किया गया है। अब तक जिले में 44 लोगों ने पंजीकरण किया है। पंजीकरण का काम जारी है। उद्यम के लिए पहले साल पांच प्रतिशत ब्याज पर एक लाख रुपए का ऋण दिया जाएगा। यह ऋण 18 महीने में चुकाना होगा। फिर अगले साल दो लाख का ऋण पांच फीसदी ब्याज पर दिया जाएगा।
प्रशिक्षण अवधि में मिलेगा मानदेय
बागेश्वर। पीएम विश्वकर्मा योजना में शुरुआत में पांच दिन का प्रशिक्षण मिलेगा। अगले साल 15 दिन या उससे अधिक का प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षण की अवधि में 500 रुपया प्रतिदिन मानदेय मिलेगा। संवाद