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सूने गांवों के बूथों पर मतदाताओं की कतार

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बागेश्वर के बहुली बूथ पर मतदान के लिए पहुंचे ग्रामीण। - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। गांवों में पलायन की समस्या पुरानी है लेकिन शनिवार को त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन के दौरान सूने गांवों के मतदान केंद्रों पर भी मतदाताओं की लंबी लाइन लगी रही। हालांकि मतदान के बाद लोग गांवों में रहने की बजाय शहरों की ओर ही लौट गए। इनमें कई प्रत्याशी तक शामिल थे।
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बागेश्वर में 185 पोलिंग बूथों में प्रथम चरण के लिए दोपहर 12 बजे तक 25.67 प्रतिशत, दो बजे तक 41.41, चार बजे तक 52.25 प्रतिशत मतदान हुआ। शाम पांच बजे मतदान की समाप्ति के बावजूद बूथों पर लाइन लगी रही। इस कारण कई बूथों पर काफी देर तक मतदान होता रहा। हर ग्राम पंचायत में दो, तीन तोक शामिल थे। इस कारण लोग खेत या बूथों पर डटे रहे। इस दौरान घर, बाखलियों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 61 प्रतिशत और पिछली बार के पंचायत चु नाव में 69.59 प्रतिशत हुआ था। यहां विकास भवन में बने कंट्रोल रूम से मिली सूचना के अनुसार शाम पांच बजे मतदान समाप्ति के बाद भी देवलधार, आरे, हड़बाड़, भटखोला, पंगचौड़ा, कांडेकन्याल के पोलिंग बूथों पर लाइन लगी रही जबकि असों, बोहाला, सिमकूना गांव में अधिक मतदाताओं की संख्या के कारण दो-दो बूथ बनाए गए थे। शाम छह बजे से पोलिंग पार्टियां डिग्री कॉलेज में बने स्ट्रांग रूम में पहुंचने लगी थीं। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। इस दौरान पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था रही।
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