बागेश्वर में पर्यटन मंत्री को ज्ञापन देते ब्लॉक प्रमुख और अन्य। संवाद
बागेश्वर। सरयू नदी के उद्गम स्थल सरमूल, सहस्त्रधारा और भद्रतुंगा को पांचवां धाम घोषित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। सरमूल, सहस्त्रधारा, भद्रतुंगा विकास समिति पिछले पांच साल से मांग कर रही थी। समिति को अब जनप्रतिनिधि का भी समर्थन मिलने लगा है। कपकोट के जनप्रतिनिधियों ने जिले के भ्रमण पर आए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को ज्ञापन देकर इस पावन स्थल को पांचवां धाम घोषित करने की मांग की।
जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव, पूर्व कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह भौर्याल और ब्लॉक प्रमुख गोविंद सिंह दानू ने पर्यटन मंत्री महाराज को सरयू नदी के उद्गम स्थल को पांचवां धाम घोषित करने की मांग के लिए मांग पत्र सौंपा। जन प्रतिनिधियों ने कहा कि सरयू नदी सरमूल से निकलकर भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या जाती है। सरयू के तट पर कई पावन तीर्थ स्थल हैं। सरयू को गंगा नदी का ही दूसरा रूप माना जाता है।
स्कंद पुराण में सरयू जल की पवित्रता की जानकारी मिलती है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों के प्रयासों से सहस्त्रधारा और भद्रतुंगा में श्रद्धालुओं और सैलानियों की आवाजाही बढ़ रही है। इसे पांचवां धाम घोषित कर दिया गया तो गंगोत्री और यमुनोत्री की तरह हर साल यहां हजारों श्रद्धालु आएंगे। क्षेत्र में स्वरोजगार बढ़ेगा और पलायन को रोकने में भी मदद मिलेगी।