बागेश्वर। कपकोट नगर पंचायत को नगरपालिका का दर्जा दिए जाने की मांग मुखर होने लगी है। नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद बिष्ट ने विधायक सुरेश गढि़या के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस आशय का पत्र भी भेजा है।
नगर पंचायत कपकोट का गठन नौ जुलाई 2012 को हुआ था। नगर पंचायत क्षेत्र में वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या 5365 है। नगर पंचायत बनने के बाद ग्रामीण अंचलों के लोगों की बसासत भी नगर क्षेत्र में होने लगी।
वर्तमान में नगर पंचायत क्षेत्र की अनुमानित आबादी 12,500 से अधिक हो गई है। नगर पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि नगर क्षेत्र में तहसील मुख्यालय, पुलिस थाना, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, डिग्री कॉलेज, बैंक, सभी सरकारी कार्यालय बने हैं।
नगर पंचायत की ओर से नगर क्षेत्र में सफाई, स्ट्रीट लाइट आदि का समुचित प्रबंध किया गया है। हर साल व्यावसायिक वार्षिक ट्रेड और सफाई शुल्क के रूप में करीब चार लाख रुपये की आय होती है।
उन्होंने बताया कि नगर पालिका के मानकों के अनुसार वर्तमान में नगर की आबादी पहुंच गई है। वर्तमान में नगर पंचायत में सात वार्ड हैं। कपकोट गांव, असाें, भयूं, तिमिलाबगड़ और रीठाबगड़ को मिलाकर कपकोट को वृहद नगरपालिका बनाया जा सकता है।
भवन और संपत्ति कर लागू करने की तैयारी
बागेश्वर। एक ओर नगर पंचायत को नगरपालिका का दर्जा देने की मांग है, वहीं दूसरी ओर नगर पंचायत में भवन और संपत्ति कर लगाने की तैयारी भी चल रही है। शासन से नोटिस मिलने के बाद नगर पंचायत की ओर से सर्वेक्षण कराया जा रहा है। हालांकि नगरवासी भवन और संपत्ति कर लगाने का विरोध भी कर रहे हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष बिष्ट का कहना है कि दस साल की छूट की सीमा पूरी हो गई है। शासन से सख्त निर्देश मिले हैं। जिनका अनुपालन कराया जाएगा।