सैंज बागेश्वर के अग्निकुंड स्थित हनुमान मंदिर में पीपल, जाली वृक्ष के विवाह का समारोह संपन्न हुआ। मान्यता है कि पीपल, जाली के पेड़ का आपस में विवाह कराने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। पीपल के पेड़ को शुद्धता प्राप्त होती है। यह पेड़ सभी तरह के संस्कार कराने में मददगार होता है।
बृहस्पतिवार को पंडित नंदाबल्लभ द्विवेदी ने यह रस्म अदा कराई। लोग मंदिर से गाजे-बाजे के साथ गोमती पुल स्थित महंत बगीचे तक आए। यहां से जाली के पेड़ को उखाड़कर ले गए। हनुमान मंदिर में विवाह की रस्म पूरी हुई और जाली के पेड़ को पीपल के साथ ही रोप दिया गया। वहां ग्राम प्रधान अनीता टम्टा, अमर माई, पंडित भाष्कर लोहनी, यजमान दीपक भौैर्याल, गीता भौर्याल, व्यवस्थापक गीता भौर्याल, दुुर्गा अस्वाल, शोभा मिश्रा, पुष्पा धपोला, गीता तिवारी, दीपा जोशी, जानकी नौर्गी, उमा पंत, ममता जोशी, प्रभा लोहुमी आदि उपस्थित थे।