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कांडा में सुअर खेती छोड़ने को कर रहे मजबूर

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बागेश्वर के रतघर में जंगली सुअरों ने खेत में बना दिया गड्ढा। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर/कांडा। पूरे जिले में जंगली सुअरों का आतंक बना हुआ है। जंगली सुअरों के आतंक के कारण लोग खेती से विमुख हो रहे हैं। सुअर खेती को तो नुकसान पहुंचा ही रहे हैं, खेतों को भी तहस-नहस कर रहे हैं। यहां तक की खेतों में लगी दीवार तक तोड़ दे रहे हैं। सरकार ने जंगली जानवरों को हिंसक घोषित कर मारने का नियम बनाया है लेकिन जानकारी के अभाव में काश्तकार इस नियम का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
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जंगली सुअरों के आतंक के कारण कपकोट, कांडा, गरुड़ के किसान इतने परेशान हो गए हैं कि खेती छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं। जंगली इलाकों से सटा कोई भी इलाका ऐसा नहीं है, जहां जंगली सुअर आतंक न मचा रहे हो। तीन दिन पूर्व ग्राम रतघर (जाखनी) में जंगली सुअरों के झुंड ने लक्ष्मी दत्त जोशी के खेत और दीवार को तहसनहस कर दिया। खेतों में बड़े-बड़े गड्ढे बना दिए। सुअरों के आतंक के कारण लोग शाम होने के बाद घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं।
कांडा के रतघर में जंगली सुअरों का जबरदस्त आतंक है। सुअर खेतों में गड्ढे बना दे रहे हैं। खेतों की दीवारों को तक नष्ट कर दे रहे हैं। सुअरों से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। - ख्याली दत्त जोशी निवासी रतघर
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जंगली सुअरों के कारण लोग खेती से विमुख हो रहे हैं। सुअरों से निजात न मिलने के कारण ग्रामीण लाचार हो गए हैं। सरकार और प्रशासन को सुअरों से निजात जिलाने के लिए अभियान चलाना चाहिए। - जोगा सिंह मेहता निवासी सजाखनी
सरकार ने जंगली सुअर को हिंसक जानवर घोषित किया है। सुअर को मारने का नियम बनाया है। अब सुअर को मारने के लिए वन दरोगा, रेंजर स्तर से भी अनुमति मिल जाएगी। सुअर को मारने के लिए लाइसेंसी बंदूक होनी चाहिए। सुअर को मारने के बाद विभाग की देखरेख में शव दफनाने का नियम है। इस नियम का लाभ लोगों को उठाना चाहिए। - बीएस शाही डीएफओ बागेश्वर
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