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तेंदुओें के डर के कारण कहीं रास्ता बदलने की मजबूरी, कहीं बजा रहे हैं कनस्तर

Tue, 01 Jan 2019 11:12 PM IST
Almora desk अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
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द्यांगण गांव में लगा पिंजरा। - फोटो : अमर उजाला
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मंगलवार को स्कूल जा रहे बच्चों को द्यांगण गांव में लगाए गए पिंजरे के आसपास तेंदुआ दिखा। सोमवार को भी एक तेंदुआ एक युवक को दिखाई दिया था। इस युवक डर कर झाड़ियों में छिप गया और तेंदुए के जाने के बाद ही वह वहां से निकला।
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द्यांगण गांव के युवक पूरन सिंह कठायत ने बताया कि सोमवार शाम वह शहर से घर जा रहा था। रास्ते में उसे तेंदुआ दिखाई दिया। इस पर वह अपनी जान बचाने के लिए झाड़ियों में छिप गया। कुछ देर बाद तेंदुए के वहां से चले जाने के बाद वह घर जा पाया।  पिछले वर्ष छह नवंबर को तेंदुआ द्यांगण गांव में सुरेंद्र सिंह कठायत के आंगन में खेल रहे सात साल के बेटे करन को उठा ले गया था। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाया हुआ है। पिंजरे में अभी तक यह तेंदुआ नहीं फंसा है।

सोमवार को द्यांगण गांव के बच्चों को इसी पिंजरे के पास तेंदुआ मंडराता हुआ दिखाई दिया। बच्चों ने गांव वालोें को इसकी सूचना दी। प्रभागीय वनाधिकारी आरके सिंह ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए वनकर्मी भी समय समय पर तेंदुए की खोज के लिए गश्त कर रहे हैं।
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बमन गांव के आसपास तेंदुए की सक्रियता बढ़ी
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। बमन गांव में सक्रिय तेंदुआ सोमवार शाम को ग्राम पंचायत गड़स्यारी के तोक हीलागड़ी में दिखाई दिया। मंगलवार सुबह बसीगाड़ में और दोपहर बाद द्वाराहाट के नाल फल्द्वाणी में भी तेंदुआ दिखाई दिया।

सीमा पानी से लगे ग्राम पंचायत गड़स्यारी के तोक गांव हीलागड़ी में एक युवक कैलाश चंद्र ने सोमवार की शाम तेंदुए को देखने के बाद इसकी सूचना शिकारियों दी पर उनके पहुंचने से पहले ही तेंदुआ भाग गया। मंगलवार सुबह साढे़ नौ बजे कुछ महिलाओं ने बताया कि बमनगांव के बसीगाड़ में तेंदुआ देखा गया है। दोपहर तीन बजे द्वाराहाट के नाल फल्द्वाणी में तेंदुआ देखे जाने की सूचना भी शिकारियों को मिली। शिकारी हरीश आर्या का कहना है कि उन्हें जहां से भी सूचना मिलती है उनकी टीम पहुंच जाती है। अब तक किसी भी तरह की सफलता नहीं मिल पा रही है। बमनगांव में तीन दिनों से लगाए गए  कैमरा ट्रैप से भी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
तेंदुए के डर से शाम होते ही कनस्तर बजाने लगते हैं ग्रामीण
गरुड़ (बागेश्वर)। हरीनगरी और सालमगढ़ के ग्रामीण तेंदुए के आतंक से सहमे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुओं को कैद करने गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है। हरीनगरी के प्रधान लक्ष्मण राम आर्या ने बताया कि शाम होते ही तेंदुआ आबादी में दिख रहा है। तेंदुओं को भगाने ग्रामीण शाम होते  ही कनस्तर बजाना शुरू कर देते है। ग्राम प्रधान ने वन विभाग की टीम से गांव ड्यूटी देने को कहा है। उधर, सालमगढ़ और सेलखनारी में भी तेंदुआ शाम होते ही आबादी में दिख रहा है। गांव के उप प्रधान धन सिंह ने वन विभाग से सालमगढ़ की ज्योति को निवाला बनाने वाले तेंदुए को भी मारने की मांग की है।  

अब फल्द्वाड़ी रास्ते पर जमाया अड्डा, ग्रामीणों का आना जाना दूभर
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। द्वाराहाट क्षेत्र में तेंदुए के आतंक के चलते लोगों की नींद उड़ी हुई है। तेंदुए ने अब नाड़ फल्द्वाड़ी स्थित नौले के पास बने रास्ते पर अड्डा बना लिया है। आम रास्ता होने के कारण लोगों का आना-जाना बाधित हो गया है। नौले के पास तीन दिन पूर्व तेंदुए ने दीपक कुमार की गाय मारी थी। तबसे उसने वहीं अड्डा बनाया हुआ है। ग्राम प्रधान विपिन पंत ने वन विभाग के अधिकारियों को मामले की सूचना दे दी है। इधर मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने बम, पटाखे फोड़कर तेंदुए को भगाने का प्रयास किया, लेकिन तेंदुआ कुछ दूर झाड़ियों में छिप गया, कुछ देर बाद फिर उसी स्थान पर बैठ गया। विभाग से वन दरोगा हरीश सिंह, वन रक्षक घनानंद भट्ट, नवीन चंद्र, जोगा सिंह, जीवन सिंह घटना स्थल पर पहुंचे। प्रधान विपिन पंत ने वन विभाग से तत्काल तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
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