काफलीगैर (बागेश्वर)। सरकारी स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने के लाख दावे किए जाते हैं लेकिन ग्रामीण अंचल के स्कूलों में हालात ठीक नहीं हैं। कहीं शिक्षक नहीं हैं तो कहीं छात्र-छात्राओं की कमी बनी है। काफलीगैर तहसील क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुतरगांव में शिक्षक और छात्र-छात्राओं दोनों की कमी है। पांच साल में स्कूल की छात्र संख्या 21 से तीन पहुंच गई है। स्कूल में शिक्षक का पद भी रिक्त चल रहा है।
राप्रावि सुतरगांव की स्थापना वर्ष 1962 में हुई थी। 1964 में विद्यालय के भवन का निर्माण किया गया था, साल 2023 में भवन का पुनर्निर्माण भी किया जा चुका है। हालांकि भवन में पढ़ने और पढ़ाने वालों की कमी बनी हुई है। विद्यालय में वर्ष 2021 में 21छात्र-छात्राएं थे। वर्ष 2022 में छात्र संख्या कम होकर 14 पहुंच गई। 2023 में 12 बच्चे पढ़ रहे थे। 2024 में छात्र संख्या सात पहुंच गई। इस साल तीन विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। विद्यालय में स्थायी शिक्षक नहीं हैं। शिक्षा मित्र के भरोसे बच्चों की पढ़ाई चल रही है। हालांकि स्कूल में इंटरनेट, टीवी, खेलकूद का सामान, शौचालय, कंप्यूटर आदि सुविधाएं उपलब्ध हैं लेकिन इनका लाभ उठाने के लिए बच्चे नहीं हैं। इस तेजी से हर साल छात्र संख्या कम हो रही है। इधर, डीईओ बेसिक विनय कुमार ने बताया कि जांच करने के बाद विद्यालय में प्राथमिकता के अनुसार शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे।