गरुड़ (बागेश्वर)। तहसील क्षेत्र के थापल-बज्वाड़ गांव में बना पशु अस्पताल दो साल से बंद है। पशु चिकित्सक और कर्मचारियों के नहीं होने से नौ ग्राम पंचायतों के पशुपालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने विभाग से जल्द पशु चिकित्सक का पद भरने की मांग की है।
गोमती घाटी क्षेत्र के एकमात्र पशु अस्पताल पर लोहागढ़ी, थापल-बज्वाड़, मजकोट, छत्यानी, रौल्याना, मैगड़ीस्टेट, ज्वणास्टेट, पिंगलों और सिमखेत गांवों के पशुपालक निर्भर हैं। चिकित्सक और कर्मचारियों के नहीं होने से अस्पताल में ताला लटका रहता है। देखरेख के अभाव में पशु अस्पताल का भवन भी खंडहर होता जा रहा है। पूर्व ग्राम प्रधान भरत बिष्ट ने बताया कि विधानसभा उपचुनाव में प्रदेश के पशुपालन मंत्री ने गोमती घाटी के प्रत्येक गांव, वार्ड में जाकर जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पीके पाठक ने कहा कि कई केंद्रों में पशु चिकित्सक के पद रिक्त चल रहे हैं। जिन क्षेत्रों में पशुचिकित्सक नहीं हैं, वहां ग्रामीण ऑनलाइन वैन सेवा नंबर 1962 पर कॉल कर सेवा का लाभ ले सकते हैं।