बागेश्वर। बिचला दानपुर के महरगाड़ घाटी में इस साल मानसूनी बारिश ने काफी नुकसान किया है। गुंठी नाले से हो रहे भूस्खलन से पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का गांव खतरे की जद में है। नामतीचेटाबगड़ की सड़क कई दिनों से बंद है। कई गांवों के पैदल रास्ते और पुलिया बारिश की भेंट चढ़ चुके हैं। रामगंगा नदी पर बना पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है।
इस साल बारिश ने नामतीचेटाबगड़, सुकचौना कनोली, किसमिला और कालापैर काभड़ी आपदा से प्रभावित हैं। गुंठी नाले से हो रहे भूकटाव ने परेशानी अधिक बढ़ा दी है। नाला गांव के पास से होकर बहता है। नाले से हो रहे भूकटाव के कारण करीब 30 परिवारों के लिए खतरा है। ग्रामीण मनोज कोश्यारी, किशन, कोश्यारी, बलवंत कोश्यारी आदि ने बताया कि भूस्खलन से कई लोगों के घरों को खतरा है। प्राथमिक विद्यालय भी भूस्खलन की जद में है। नामती को जाने वाली सिंचाई नहर, राजकीय इंटर कॉलेज और प्राथमिक विद्यालय महरगाड़ी, भगवती मंदिर, चेटाबगड़ का रास्ता भूस्खलन से प्रभावित है। चेटाबगड़ से ढोलडूंगा और हिनडंगूरा जाने वाला पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। कई पेयजल लाइनें टूटी हैं। शिव मंदिर ल्वेटा में मलबा भरा है। कालापैर काभड़ी से नाचनी को जाने वाले झूलापुल का अबटमेंट क्षतिग्रस्त है। रमाड़ी-कनौली सड़क पर भी यातायात बाधित है।
इन सड़कों पर बाधित रहा यातायात
बागेश्वर। सोमवार को पगना-सक्तेश्वर, भानी-हरसिंग्याबगड़, हरसीला-सीमा, उडियारकुड़ी-सन, काफलीकमेड़ा, भयूं-गुलेर, कपकोट-कर्मी और नामतीचेटाबगड़ मार्ग पर यातायात बाधित रहा।