गरुड़ (बागेश्वर)। तहसील की दूरस्थ लाहुरघाटी की संचार सेवा लड़खड़ा गई है। घाटी में बीएसएनएल के चार-चार टावर लगे हैं लेकिन सिग्नल एक में भी नहीं हैं। आलम यह है कि ग्रामीणों को अपने स्वजनों से बात करने 30 किमी दूर गरुड़ आना पड़ रहा है।
इसके बाद भी संचार सेवा ठीक करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। लोगों ने शीघ्र व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
लाहुर घाटी आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील है। बरसात के मौसम में यहां आए दिन दिक्कतें होती हैं। बरसात का सीजन शुरू होने वाला है। व्यवस्थाएं दुरुस्त होने की बजाय और भी बिगड़ती जा रही हैं। संचार व्यवस्था अभी से धड़ाम हो गई है।
लाहुरघाटी विकास मंच के अध्यक्ष ईश्वर सिंह परिहार ने बताया कि घाटी में नाम के चार -चार बीएसएनएल टावर लगे हैं लेकिन सिग्नल एक में भी नहीं हैं। आए दिन थोड़ी देर सिग्नल आते हैं फिर गायब हो जाते हैं। इससे लोग अपने परिजनों से बात नहीं कर पाते
हैं। उन्हें दिल्ली, मुंबई सहित अन्य शहरों में रहने वाले परिजनों से बात करने तीस किमी दूर गरुड़ आना पड़ता है। इससे उनके धन और समय की काफी बर्बादी होती है। उन्होंने व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।