बागेश्वर। स्कूलों में नए शैक्षिक सत्र का आगाज हो गया है लेकिन अब तक एक भी किताब नहीं पहुंच सकी है। सत्र के पहले दिन बच्चों ने पुरानी किताबों के साथ नई कक्षा की पढ़ाई शुरू की है। समग्र शिक्षा की ओर से पहली से 12वीं कक्षा में अध्ययनरत सभी बच्चों को निशुल्क किताबें दी जानी हैं।
जिले में 544 प्राथमिक, 108 जूनियर हाईस्कूल, 32 हाईस्कूल, 61 इंटर कॉलेज हैं। इन स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों के लिए समग्र शिक्षा की ओर से बेसिक के लिए 1,15,879 और माध्यमिक के लिए 2,72,282 किताबों की मांग की गई है लेकिन अब तक जिले में किताबें नहीं पहुंच सकी हैं। जबकि विभाग की ओर से किताबों के ढुलान के लिए निविदा भी जारी की जा चुकी है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सीईओ कार्यालय के गोदाम में किताबों को सुरक्षित रखा जाता है। यहां से माध्यमिक स्कूलों में किताबें भेजी जाती हैं। बेसिक कक्षाओं के लिए गोदाम से संकुल स्तर पर किताबें भेजी जाती हैं जहां से संकुल के अन्य स्कूल किताबों को स्कूल ले जाते हैं। बीते वर्ष भी विभाग बच्चों को समय से किताबें नहीं उपलब्ध करा सका था। जुलाई माह तक बच्चों को किताबें दी गईं थीं। निजी स्कूलों में जहां अभिभावक बुक स्टोर से नई किताबें खरीद रहे हैं, वहीं सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं को नई किताबों के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
सीईओ गजेंद्र सिंह सौन ने बताया कि किताबों के मुद्रण का कार्य जारी है। किताबों की ढुलान के लिए अभी आवेदन लिए जा रहे हैं। किताबों के आते ही विद्यालयों को पुस्तकें आवंटित कर दी जाएंगी।