बागेश्वर। कपकोट विकासखंड के गांवों में स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में असफल हो रहा है। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण क्षेत्रवासियों को स्वास्थ्य कर्मियों की अधिक आवश्यकता पड़ती है लेकिन विभाग को इन क्षेत्रों में कार्य करने के लिए स्वास्थ्य अधिकारी नहीं मिल पा रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि 33 आरोग्य मंदिर में से 11 केंद्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के पद रिक्त रह गए हैं।
लोगों को घर के पास बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए सरकार ने गांव-गांव में आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोल दिए लेकिन इन सभी केंद्रों में सीएचओ की तैनाती करने में सफल नहीं हो पाया है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दुर्गम इलाकों में सीएचओ की तैनाती होने पर स्वास्थ्य कर्मी ज्वाइनिंग नहीं कर रहे हैं या फिर कार्यभार से ही मुक्ति ले रहे हैं। इस कारण कपकोट विकासखंड के आखिरी गांव खाती समेत ऊधमस्थल, जलमानी, गोगिना, सूपी, बोरबलड़ा, सोराग, वाच्छम, बदियाकोट, लोहारखेत, शामा के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सीएचओ की तैनाती नहीं हो पा रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के कारण ग्रामीणों को सीएचसी, पीएचसी और जिला मुख्यालय की ओर दौड़ लगानी पड़ रही है।
सभी पदों पर सीएचओ की तैनाती की गई थी लेकिन कुछ स्वास्थ्य कर्मियों ने ज्वाइनिंग नहीं की। इस वजह से कपकोट क्षेत्र के केंद्रों में सीएचओ तैनात नहीं हैं। विभाग से आदेश आने के बाद रिक्त पदों को भरा जाएगा।
डाॅ. कुमार आदित्य तिवारी, मुख्य चिकित्साधीकारी, बागेश्वर