बागेश्वर। नगर के मीट मार्केट का भवन जर्जर हो गया है। जर्जर भवन से खतरा है। बीते 13 जुलाई को भवन का लिंटर क्षतिग्रस्त होने से एक व्यापारी चोटिल हो गया था।
एक जनवरी 2008 को 20 लाख रुपये से बना मीट मार्केट बदहाल है। पालिका ने भवन का निर्माण कर 20 दुकानें आवंटित कर दीं। दुकानदारों से लगातार किराया वसूला जा रहा है लेकिन 16 साल में एक बार भी भवन की मरम्मत नहीं की गई। देखरेख के अभाव में भवन का लिंटर जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है। लिंटर से सरिया बाहर निकली हुई हैं। बरसात में पानी दुकानों के अंदर आता है।
व्यापारियों का कहना है कि भवन मरम्मत के लिए नगर पालिका को कई बार ज्ञापन दिया है लेकिन कोई कार्य नहीं किया गया। मरम्मत का मामला उठाने पर पालिका के अधिकारी भवन खाली करने के लिए कहते हैं। भवन में 20 दुकानें चल रही हैं जिनसे करीबन 30 लोगों को रोजगार मिलता है।
जब से भवन का निर्माण किया गया है। एक बार भी सुधारीकरण का कार्य नहीं किया गया है। कई बार मामला उठाया जा चुका है।
जावेद अहमद, व्यापारी
व्यापारी के चोटिल होने पर पालिका कर्मी जायजा लेने तो पहुंचे लेकिन फिर भी कोई कदम नहीं उठाया। भवन खाली करने के लिए कहा जा रहा है।
नन्हे, व्यापारी
पालिका को पूर्व में कई बार सुधारीकरण के लिए कहा गया है। अनुमति मिलने पर व्यापारी खुद सुधारीकरण करने के लिए तैयार हैं।
अकरम अली, व्यापारी
नगर में पशुवधशाला नहीं है। कागजों में मीट मार्केट का जिक्र नहीं है। न्यायालय ने जिला प्रशासन को पशुवधशाला के लिए भूमि का चयन कर नगरपालिका को सौंपने के आदेश दिए हैं। जमीन ढूंढी जा रही है। -हयात सिंह परिहार, ईओ नगर पालिका, बागेश्वर।