बागेश्वर के जिला अस्पताल से नवजात को हायर सेंटर ले जाने के लिए एंबुलेंस में मौजूद नवजात, परिजन
रविवार से सीएमओ कार्यालय से अटैच हैं जिला अस्पताल के बच्चों के डॉक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। जिला अस्पताल में एकमात्र बालरोग विशेषज्ञ को सीएमओ कार्यालय से अटैच करने के बाद से अस्पताल आ रहे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में जन्मे नवजात को दिक्कत होने पर उसे चिकित्सकों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया।
चमोली के चिडंगा गांव निवासी शुभांशु जोशी की हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में मौत हो गई थी। परिजनों की ओर से सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के माध्यम से जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. भूपेंद्र घटियाल और 108 एंबुलेंस सेवा पर लापरवाही के आरोप लगाए थे। इस मामले को शासन स्तर पर गंभीरता से लिए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित कुमार को सीएमओ कार्यालय से अटैच कर दिया था। जिला अस्पताल के एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ के सीएमओ कार्यालय में अटैच होने से अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे बच्चों और उनके परिजनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को कांडा निवासी सुष्मिता ने जिला अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। जांच में नवजात को सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। वहां मौजूद चिकित्सकों की ओर से काफी कोशिश करने के बाद भी नवजात की हालत में सुधार नहीं हुआ। चिकित्सकों ने नवजात को हायर सेंटर अल्मोड़ा के लिए रेफर कर दिया।
कोट
जिला अस्पताल में जन्मे बच्चे को सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। वहां मौजूद चिकित्सकों ने उपचार करने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो पाए। अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। इस वजह से नवजात को अल्मोड़ा रेफर किया गया है।
-डॉ. तपन शर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल बागेश्वर