बागेश्वर। अल्मोड़ा मैग्नेसाइट कंपनी झिरौली में श्रमिक-प्रबंधन के बीच विवाद गहराता जा रहा है। मंगलवार को कंपनी में श्रमिकों ने प्रदर्शन कर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी मनमाने निर्णय लेकर कंपनी को बदहाल करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा और मामले का हल निकालने की मांग की। इससे पूर्व जनप्रतिनिधि डीएम से भी मिल चुके हैं।
श्रमिक माइन प्रबंधकों को निष्कासित करने का विरोध कर रहे हैं। श्रमिकों का कहना है कि प्रबंधन वर्ग के फैसलों के कारण कंपनी को नुकसान हो रहा है। प्रबंधन से सहयोग नहीं मिलने पर माइनिंग प्रबंधक कंपनी छोड़कर जा रहे हैं। पिछले सप्ताह दो माइनिंग प्रबंधकों को निष्कासित कर दिया गया है। पिछले 15 साल में 23 खदान प्रबंधक या तो नौकरी छोड़कर चले गए या उन्हें बाहर कर दिया गया। इसके चलते कंपनी को नुकसान हो रहा है। इसका खामियाजा कंपनी से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े 500 परिवारों को हो रहा है।
ज्ञापन भेजने वालों में भाजपा मंडल अध्यक्ष हेमा देवी, ज्येष्ठ प्रमुख पुष्पा देवी, ग्राम प्रधान हंसा रौतेला, ललिता रौतेला, शीला देवी आदि शामिल हैं।
झिरौली मैग्नेसाइट में चल रहे विवाद को लेकर कंपनी के प्रबंधन से बात हुई है। चार जून को मैं और डीएम कंपनी का भ्रमण करने जाएंगे और प्रबंधन-श्रमिकों के बीच चल रहे विवाद का संज्ञान लेकर मामले का हल निकाला जाएगा।
सुरेश गढि़या, विधायक कपकोट