बागेश्वर। सदानीरा सरयू, गोमती, भागीरथी के तट पर बसे बागेश्वर में सालभर पेयजल किल्लत बनी रहती है। गर्मियों में स्थिति और खराब हो जाती है। लगातार हो रही बारिश के बाद भी जिला मुख्यालय के कई हिस्सों पेयजल संकट बना हुआ है। पानी की किल्लत से लोग परेशान हैं। जिला मुख्यालय की जनता मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना के अस्तित्व में आने की आस लगाए बैठी है।
करीब 30 हजार आबादी वाले नगरपालिका क्षेत्र में जखेड़ा पेयजल योजना, मंडलसेरा पेयजल योजना, बिलौना पेयजल योजना के साथ कई योजनाओं से जलापूर्ति की जाती है। नगर को हर रोज 5.5 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। इन योजनाओं से मात्र तीन एमएलडी पानी मिल पाता है। जल संस्थान रोस्टर के हिसाब से जलापूर्ति करता है। इन दिनों बारिश हो रही है। इसके बावजूद मंडलसेरा, मजियाखेत, तहसील रोड, कफलखेत इलाकों में पेयजल संकट है। काफी कम पानी लोगों को मिल पा रहा है। पानी की कमी के कारण कई इलाकों को एक दिन छोड़कर पानी दिया जाता है।
वर्ष 2020 से 3.7 एमएलडी की मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना बन रही है। योजना का मुख्य टैंक और वितरण टैंक नहीं बना है। पेयजल निगम के अनुसार अन्य कार्य पूरे हो गए हैं। जमीन वन भूमि से मुक्त नहीं होने के कारण लंबे समय तक मुख्य टैंक का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। करीब दो महीने पहले ही स्वर्गीय चंदन राम दास (कैबिनेट मंत्री) के प्रयासों से मुख्य टैंक के लिए पंपिंग योजना के पंप हाउस के पास सात नाली निजी जमीन खरीदी गई। इस स्थान पर मुख्य टैंक बनाने की शुरूआत हो गई है। पेयजल निगम के ईई वीके रवि के अनुसार अगले पांच महीने में मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना जनता को समर्पित हो जाएगी। जनता की नजर इस आश्वासन पर टिकी है।