बागेश्वर। बारिश से मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। बंद सड़कों ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। कई जगह मकान ध्वस्त होने से लोग सड़क पर आ गए हैं। अल्मोड़ा जिले में कुछ जगह सुरक्षा दीवार भी टूट गई हैं।
अल्मोड़ा में मलबा और बोल्डर गिरने से जिले में छह सड़कें बंद हैं। इससे 40 से अधिक गांवों का शेष दुनिया से सड़क संपर्क कट गया है। इन सड़कों पर वाहनों के पहिए थमे हैं और 12 हजार से अधिक की आबादी का गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों को दरकते पहाड़ों और उफनाए नालों के बीच पैदल सफर करना पड़ रहा है। पटाल बाजार, धारानौला, ढुंगाधार, जाखनदेवी, लक्ष्मेश्वर सहित विभिन्न स्थानों पर रास्ते नालों में तब्दील हो गए।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने कहा कि बंद सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी तैनात किए हैं। आपदाकाल में लोगों को राहत देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। मंगलवार सुबह बागेश्वर में हल्की बूंदाबांदी हुई। सुबह 11 बजे बाद मौसम खुल गया था। दोपहर बाद जिलेभर में तेज बारिश शुरू हो गई। देर शाम तक बारिश का सिलसिला जारी था।
फिलहाल सड़क खुलने की उम्मीद नहीं
बागेश्वर। 30 जून से बंद काफलीकमेड़ा सड़क पर फिलहाल यातायात बहाल होने की उम्मीद नहीं है। सड़क काफी बड़े हिस्से में क्षतिग्रस्त है। कई स्थानों पर दूसरे सिरे से सड़क बनानी पड़ेगी। पीएमजीएसवाई डिविजन सड़क बहाल करने की कोशिश कर रहा है। चार जुलाई से बंद सूपी-झूनी सड़क पर यातायात बहाल नहीं हुआ है। दोनों सड़कों के बंद होने से करीब दो हजार की आबादी प्रभावित हुई है।
पारे का हाल ( डिग्री सेल्सियस )
जिला अधिकतम न्यूनतम
बागेश्वर 29 21
अल्मोड़ा - -
कहां कितनी बारिश (मिमी में)
कपकोट 10
गरुड़ 7.5
बागेश्वर 05
नदियों का जलस्तर बढ़ा
बागेश्वर। बारिश से सरयू और गोमती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम 4:30 बजे सरयू का जलस्तर 865.60 मीटर था। सरयू का चेतावनी लेबल 869.70 मीटर और खतरनाक लेबल 870.70 मीटर है। गोमती का जलस्तर 862.40 मीटर था। गोमती का चेतावनी लेबल 869.70 मीटर और खतरनाक लेबल 870.70 मीटर है। संवाद
लाहुरघाटी में कई संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त
गरुड़ ( बागेश्वर)। कंधार लोहागढ़ी मोटर मार्ग में रुकरुक कर मलबा गिर रहा है। जखेड़ा के ग्राम प्रधान ईश्वर परिहार, नैकाना खुमटिया की प्रेमा परिहार ने बताया कि बारिश से लाहुरघाटी में कई संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए है। लाहुरघाटी के पंचायत प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से क्षतिग्रस्त पैदल मार्गों को जल्द दुरुस्त करने की मांग की है।
जिनखोला के लोग भयभीत
गरुड़ (बागेश्वर)। आपदा की दुष्टि से अति संवेदनशील जिनखोला के ग्रामीण सहमे हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि गांव में कभी भी भूस्खलन हो सकता है। गरुड़-जिनखोला बंड मोटर मार्ग में जगह जगह पर मलबा भर गया है। गांव में 1980 में जबर्दस्त भूस्खलन हुआ था। भूस्खलन से गांव के हर मकान में दरारें आज भी दरारें देखने को मिलती है। सामाजिक कार्यकर्ता हीरा बोरा ने बताया कि बागेश्वर जिले के पहले डीएम मदन सिंह ने अपने कार्यकाल में गांव का दौरा किया था। उन्होंने गांव को आपदा की दृष्टि से अति संवेदशील घोषित किया था। इसबीच तेज बारिश होने से जिनखोला के ग्रामीण सहमे है।
काफलीकमेड़ा मोटर मार्ग को जल्द खोलने के निर्देश
बागेश्वर। डीएम अनुराधा पाल ने भूस्खलन के कारण मलबा आने से बंद काफलीकमेड़ा मोटर मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क को जल्द खोलने को कहा। अधिकारियों को 24 घंटे एक्टिव मोड में रहने और आपसी समन्वय बनाकर राहत कार्य करने के निर्देश दिए। मंगलवार को सड़क का निरीक्षण करने गईं डीएम ने कहा कि सड़क का शुरूआती हिस्सा बेहद संवेदनशील है। डीएम ने सड़क को दुरूस्त करने के लिए दीर्घकालीन योजना बनाकर अन्यत्र सर्वे करने और सर्वे में ग्रामीणों के साथ ही एसडीएम और तहसीलदार का सहयोग लेने को कहा। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में जेसीबी तैनात करने और बाधित होने वाली सड़कों को तत्काल खोलने के निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीएम मोनिका, ईई पीएमजीएसवाई अंबरीश रावत, तहसीलदार देवेंद्र लोहनी, सहायक अभियंता आशीष रावत आदि मौजूद रहे। संवाद
सकन्यूड़ा में मकान क्षतिग्रस्त
बागेश्वर/कांडा/कौसानी। बारिश के दौरान मंगलवार को कांडा तहसील के सुकन्यूड़ा में निवासी चंचल राम पुत्र फकीर राम का आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। मकान क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित परिवार को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से बंद काफलीकमेड़ा और झूनी सड़क पर मंगलवार को यातायात सुचारु नहीं हुआ। मंगलवार सुबह ढालन खुनौली सड़क बाधित थी। दोपहर में इस सड़क पर यातायात बहाल हो गया था।