गरुड़ (बागेश्वर)। तैलीहाट पेयजल योजना उफनती गोमती नदी से ध्वस्त हो गई है। इससे तैलीहाट गांव में पेयजल समस्या बढ़ गई है। ग्रामीणों को नौलों का प्रदूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पेयजल संकट के दौर से गुजर रहे ग्रामीणों ने खनन न्यास मद से क्षतिग्रस्त पेयजल योजना जल्द दुरुस्त करने के लिए कहा है।
तैलीहाट के ग्रामीणों ने डीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि तैलीहाट पेयजल योजना 23 साल पुरानी है। कुछ माह पूर्व खनन कारोबारियों ने पोकलैंड और जेसीबी से नदी में अवैध खनन किया। इससे नदी में गहराई में बिछी पाइप लाइन को नुकसान हुआ है। इस बीच गोमती नदी के उफान भरने से योजना क्षतिग्रस्त हो गई। याेजना के क्षतिग्रस्त होने से तैलीहाट गांव में पेयजल के लिए परेशानी उत्पन्न हो रही है। तैलीहाट गांव के सामाजिक कार्यकर्ता तेज सिंह, पूरन सिंह, दयाल काला ने बताया कि योजना की देखरेख 23 साल से ग्राम पंचायत करती आ रही है। उन्होंने डीएम से खनन न्यास मद से योजना को जल्द दुरुस्त करने की मांग की है।
भकुनखोला वार्ड में पेयजल संकट गहराया
गरुड़ (बागेश्वर)। जल संस्थान की गरुड़ फेज द्वितीय योजना से भकुनखोला वार्ड में तीन दिन से पेयजल की आपूर्ति नहीं होने वार्ड के वाशिंदों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। भकुनखोला के पूर्व ग्राम प्रधान दयाल गिरी गोस्वामी ने बताया कि भकुनखोला वार्ड में पेयजल की आपूर्ति करने के संबंध में कई बार कह दिया है। जल संस्थान वार्ड के लोगों की समस्या गंभीरता से नहीं ले रहा है। भकुनखोला वार्ड के लोगों ने जल संस्थान से जल्द वार्ड में पेयजल की आपूर्ति करने के लिए कहा है।