बागेश्वर। जिले में मानसूनी बारिश से मकानों के टूटने का सिलसिला जारी है। बारिश से एक मकान ध्वस्त हो गया है। एक मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। बारिश के दौरान भूस्खलन और मलबा गिरने से बंद हुई छह सड़कों पर अब तक यातायात सुचारु नहीं हो सका है। सड़क बंद होने से करीब सात हजार की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक कपकोट तहसील क्षेत्र में 17.50 मिमी बारिश दर्ज हुई। इस दौरान बागेश्वर में दो मिमी बारिश हुई तो गरुड़ क्षेत्र में बारिश नहीं हुई। पिछले दिनों हुई बारिश से गरुड़ के घेटी गांव में संतोष कुमार पुत्र शिव राम का आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गया। बागेश्वर के कांडे गांव में मुन्नी जोशी पत्नी सुरेश चंद्र का आवासीय मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है।
जिले में लगातार हो रही बारिश का असर सड़कों पर हो रहा है। 26 जुलाई से बंद कठपुड़ियाछीना-सेराघाट मार्ग, 29 जुलाई से बंद बड़ेत मार्ग, दो अगस्त से बंद कपकोट की भानी-हरिसिंग्याबगड़ सड़क और चार अगस्त से बंद काफलीकमेड़ा सड़क पर अब तक यातायात सुचारु नहीं हो सका है। लोगों को पैदल चलकर आवाजाही करनी पड़ रही है। सोमवार रात को हुई बारिश के बाद फरसाली पल्ली और अनर्सा-उडियारीकुड़ी-सन मार्ग पर मलबा आने से यातायात ठप हो गया है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने का काम चल रहा है। जल्द सभी बंद सड़कों पर यातायात सुचारु करा दिया जाएगा।
दिन में गर्मी, शाम को राहत
बागेश्वर। जिले में मंगलवार को पूरे दिन धूप-छांव का खेल चलता रहा। इस दौरान लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। शाम होने तक मौसम ने करवट बदली और बारिश होने लगी। बारिश के बाद लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली।