गरुड़ (बागेश्वर)। पहाड़ों में टैक्सियों का चलन बढ़ा तो बसों के प्रति लोगों का मोह भंग होता गया। ग्रामीण इलाकों को चलने वाली कई बसों का संचालन बाधित हो गया। अब लोगों को फिर से बस सेवा की कमी महसूस होने लगी है। जखेड़ा के ग्रामीण भी छह साल से बंद बस सेवा के संचालन की मांग करने लगे हैं।
जखेड़ा से हल्द्वानी तक केमू की सीधी बस सेवा का संचालन वर्ष 2018 से बंद है। यात्रियों को हल्द्वानी या अल्मोड़ा की बस पकड़ने के लिए 18 किमी का सफर टैक्सी से तय करके गरुड़ आना पड़ता है। पहले हल्द्वानी से चलने वाली सीधी बस वज्यूला होते हुए जखेड़ा, डाकघट तक जाती थी। क्षेत्र के जखेड़ा, सुराग, गनीगांव, लमचूला, बैगांव कालरौ, दाड़िमखेत, जाख आदि गांवों के लोगों को इसका लाभ मिलता था। बस सेवा बंद होने के बाद से ग्रामीणों के पास यात्रा के लिए एकमात्र माध्यम टैक्सी रह गया है। ग्रामीण ईश्वर परिहार, मनोज परिहार, हरीश होलरिया, भूपाल सिंह, मनोज कुमार, प्रकाश आर्य आदि ने केमू से बंद बस सेवा का दोबारा संचालन कराने की मांग की है।
इधर, केमू स्टेशन के इंचार्ज केडी भट्ट ने बताया कि गांव-गांव तक चलने वाली टैक्सियों के कारण बस को पर्याप्त सवारियां नहीं मिल रहीं थी। अगर क्षेत्रवासी मांग करते हैं तो बस के दोबारा संचालन के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।