कपकोट/बागेश्वर। कपकोट में लावारिस गोवंशीय किसानों की खेती को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
कपकोट नगर में कई लावारिस गोवंशीय पशुओं के घूमने से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लावारिस जानवर लोगों के खेतों में घुसकर खेती को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इनमें अधिकतर दूध नहीं देने वाली गाय हैं। कई पशुओं के कान पर पशुपालन विभाग के टैग भी लगे हैं। इससे स्पष्ट है कि अनुपयोगी होने पर पशुपालकों ने इन्हें नगर में छोड़ दिया है। किसान महिमन कपकोटी ने बताया कि लावारिस जानवरों से खेती को बचाना मुश्किल हो गया है। धान के पौधों को पहले कुरमुला कीट ने नुकसान पहुंचाया। अब लावारिस जानवर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों ने नगर पंचायत से लावारिस जानवरों से निजात दिलाने की मांग की है।
कपकोट के नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि लावारिस जानवरों को गोसदन भेजने की योजना तैयार की गई है। लावारिस जानवरों का पशुपालन विभाग से स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाना है। एक सप्ताह के भीतर लावारिस जानवरों को गोसदन भेज दिया जाएगा। संवाद
पालतू पशुओं को लावारिस छोड़ने पर आठ को नोटिस भेजा
रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत के मुख्य बाजारों में पालतू पशुओं को लावारिस छोड़ने पर छावनी परिषद ने आठ पशुपालकों को नोटिस भेजा है। कई पशुपालकों के चालान काटे।
नगर के मुख्य बाजार में पशुपालकों ने अपने पालतू गोवंशीय पशुओं को लावारिस छोड़ दिया है। लावारिस पशु सड़कों पर घूमते हैं। इससे कई बार जाम भी लगता है। गंदगी भी बढ़ रही है। पालतू पशुओं को लावारिस छोड़ने पर छावनी परिषद सख्त हो गया है। सोमवार को छावनी परिषद ने सर्च अभियान चलाया। इस दौरान टैग लगे आठ पालतू पशु पकड़े गए। पशुपालकों को जुर्माने का नोटिस भेजा है। कई पशुपालकों के चालान काटे। परिषद के स्वच्छता निरीक्षक अजय प्रताप सिंह ने बताया कि सर्वे अभियान में 16 लावारिस गोवंशीय पशु मिले हैं। इनमें से आठ टैग लगे पालतू जानवर थे। पशुपालकों को जुर्माने का नोटिस भेजा है।
फोटो- 10एएलएम11
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राजेंद्र धानक