बागेश्वर। रोडवेज डिपो की खराब बसों की मरम्मत में कर्मचारियों की कमी बाधा बन रही है। डिपो में मैकेनिकल के 12 कर्मचारियों के स्टाफ के सापेक्ष मात्र चार कर्मचारी तैनात हैं। कार्यशाला प्रभारी का पद भी व्यवस्था पर चल रहा है। वर्तमान में डिपो की सात बस खराब हैं। दो रूटों पर बस सेवा बाधित है।
संचालन के बाद से ही रोडवेज डिपो बसों के खराब होने की समस्या का सामना कर रहा है। बागेश्वर डिपो में तीन, काठगोदाम में चार बस खराब होकर खड़ी हैं। बसों की मरम्मत के लिए डिपो में पूरा स्टाफ नहीं है। चार मैकेनिकों के सहारे डिपो की कार्यशाला चल रही है। एक मैकेनिक के पास कार्यशाला प्रभारी का चार्ज है। कर्मचारियों की कमी से खराब बसों की मरम्मत में कई दिन लग रहे हैं। बसों के खराब होने से आए दिन किसी न किसी रूट पर बस सेवा बाधित हो रही है। मंगलवार को बागेश्वर से मुनस्यारी और धरमघर रूट पर बस नहीं चली। लंबी दूरी की बसों के नहीं चलने से यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
रोडवेज स्टेशन अधीक्षक धीरज वर्मा ने बताया कि उच्चाधिकारियों को कर्मचारियों की कमी के बारे में सूचित किया गया है। खराब बसों की समस्या भी बताई है। उम्मीद है कि जल्द समस्या का समाधान निकलेगा।