बागेश्वर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दो माह से रोडवेज और केमू बस सेवा बंद है। इसका कारण रोडवेज में स्टाफ की कमी और केमू का घाटा बताया जा रहा है। केमू को तेल का खर्चा तक निकालने में परेशानी हो रही है जबकि बसें न चलने से ग्रामीणों को निजी वाहनों में दोगुना किराया देना पड़ रहा है।
दुग नाकुरी तहसील क्षेत्र के ग्राम हथरसिया पचार निवासी समाजसेवी चंद्रशेखर पांडे ने बताया कि क्षेत्र में पहले दिल्ली से धरमघर वाया बालीघाट तक रोडवेज की बस चलती थी। अब यह बस बागेश्वर तक चल रही है। दो माह से इस बस की ग्रामीण क्षेत्र में आवाजाही बंद है। इसी प्रकार बागेश्वर से पचार वाया धरमघर, बागेश्वर से धरमघर वाया रीमा और द्वाराहाट से पचार तक केमू बस सेवा भी बंद है।
इसके चलते ग्रामीणों को निजी टैक्सी वाहनों से आना-जाना पड़ रहा है। बस में 65 वर्ष से अधिक आयु वाले बुजुर्गों को मुफ्त सेवा का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। चालक ओवरलोडिंग कर रहे हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं स्टाफ की कमी के चलते दो माह से रोडवेज की दिल्ली से धरमघर वाया बालीघाट बस सेवा भी बंद है।
केमू स्टेशन के इंचार्ज धरनीधर जोशी ने बताया कि बस चलाने के लिये पर्याप्त यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। इसके चलते तेल का पैसा भी नहीं निकल पा रहा है। इसी वजह से बस सेवा बंद है।