चिरतकोट के जंगल में स्थित गुरु गोरखनाथ, माता भगवती और कपकोट गांव के काशिल देव मंदिरों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने की मांग उठने लगी है। शनिवार को मंदिर समितियों के पदाधिकारियों ने बीसूका उपाध्यक्ष शेर सिंह गढ़िया को ज्ञापन देकर मंदिरों का समुचित विकास करवाने की मांग की।
ग्राम प्रधान सीता देवी और मंदिर समिति के अध्यक्ष हरीश चंद्र सिंह कपकोटी के नेतृत्व में ग्रामीणों का शिष्टमंडल बीसूका के प्रदेश उपाध्यक्ष गढ़िया से मिला। उन्होंने बताया कि काशिल देव को न्याय का देवता माना जाता है। क्षेत्र के लोगों में इनके प्रति अपार आस्था है। चिरतपकोट की पहाड़ी में बसे गोरखनाथ, मां भगवती और बाण देवता के मंदिरों में भी साल भर भक्तजन पूजा-अर्चना करने आते हैं।
ये मंदिर सुरम्य और रमणीय स्थान पर बसे हैं। यह स्थान क्षेत्र की प्राकृतिक खूबसूरती का लुत्फ उठाने के लिए भी मुफीद हैं। समिति के पदाधिकारियों ने सभी मंदिरों में अच्छे रास्ते बनवाकर उनमें पथ प्रकाश की उचित व्यवस्था करवाने, भक्तों के बैठने के लिए बैंच का निर्माण, पुस्तकालय की स्थापना, रात के ठहरने के लिए धर्मशाला और चिरपतकोट जाने के लिए रोपवे का निर्माण, मंदिरों में पीने के पानी की व्यवस्था, सुरक्षा के लिए चहारदीवारी और चैनल गेट बनवाने आदि की मांग की। वहां पूर्व प्रधान गणेश उपाध्याय, जमन सिंह बिष्ट, गिरीश जोशी, आनंद सिंह बिष्ट आदि थे।
सरयू नदी में मोटर पुल का हो निर्माण
कपकोट। नगर पंचायत क्षेत्र की आबादी और वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ ही सरयू नदी में एक और मोटर पुल बनाने की मांग उठने लगी है। शनिवार को विभिन्न वार्ड के सभासदों ने बीसूका के प्रदेश उपाध्यक्ष शेर सिंह गढ़िया को ज्ञापन सौंपकर वार्ड नंबर दो के पुराने डाकघर के पास से मोटर पुल का निर्माण कराने की मांग की। कहा कि पुल बनने से नगर को जाम से निजात मिलेगी। अस्पताल, बैंक, स्कूल, डाकघर आने-जाने वालों को भी इसका लाभ मिलेगा। वहां सभासद शामली देव, तनुज तिरुवा, गधेश उपाध्याय, तारा सिंह, हरीश कपकोटी, गिरीश जोशी आदि थे।