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मिश्री और जलेबी खाकर मनाई थी आजादी की खुशी

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बागेश्वर के ग्राम अक्सौड़ा बनलेख निवासी 104 साल के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम दत्त जोशी को रेड? - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। तहसील बनलेख के ग्राम अक्सौरा रिगुनिया निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम दत्त जोशी की उम्र 104 वर्ष है। उनका कहना है कि महात्मा गांधी ने नौ अगस्त 1947 को करो या करो का नारा दिया था। इस पर पूरे देशवासी सड़कों पर उतर आए थे। सभी लोग देश को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति दिलाना था। सभी में देश के प्रति सम्मान और लगाव था। तब तिरंगा फहराने के लिए लोग उत्साहित रहते थे लेकिन अब समाज में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान बढ़ाने की जरूरत है।
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उन्होंने बताया कि उन दिनों आज की तरह संचार के साधन नहीं थे। 15 अगस्त 1947 को आजादी की सूचना रेडियो से मिली। स्वाधीनता की खबर सुनते ही लोग भावुक हो गए। आखिर होते भी क्यों न वर्षों पुरानी मुराद जो पूरी हुई थी। हर कोई खुश था। लोगों ने जलेबी बांटकर खुशी मनाई थी। कई लोग मिश्री से मुंह मीठा कर जश्न-ए-आजादी में शामिल हुए। आगे उन्होंने कहा कि सरकार स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और गांधी जयंती पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मानित तो करती है लेकिन उनकी भावनाओं का सम्मान नहीं करती। आज भी शहीदों के साथ-साथ सेनानियों के गांवों को सड़कों से नहीं जोड़ा जा सका है।
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