गरुड़/कौसानी(बागेश्वर)। पीडीएफ पर हमलावर कांग्रेस अब बैकफुट पर है। शनिवार को पीसीसी की बैठक में आए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को कहना पड़ा कि पीडीएफ से कोई नाराजगी नहीं हैै। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पीडीएफ के झगड़े के मसले को हाईकमान के पाले में सरका दिया।
मुख्यमंत्री हरीश रावत और किशोर के विधानसभाओं में संयुक्त दौरों को भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने हरी झंडी दी। मोदी सरकार के खिलाफ थानों और पटवारी चौकियों में मुकदमा दर्ज कराने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
कौसानी के अनासक्ति आश्रम में शनिवार को पीसीसी की बैठक में किशोर ने कहा कि भले ही राजनीतिक सोच अलग हो, पर पीडीएफ के विधायक मुसीबत के समय सरकार के साथ हमेशा खड़े रहे। कुछ दिन पहले ही किशोर ने पीडीएफ के वजूद पर ही सवाल उठाया था।
बैठक में किशोर पर पीडीएफ के नेताओं की छींटाकशी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पर भी बात हुई, पर किशोर के कहने पर यह प्रस्ताव रोक लिया गया। तय किया गया कि पीडीएफ से संबंध के मसले परहाईकमान के निर्णय को माना जाएगा।
सरकार और संगठन के बीच की खाई को भी पाटने की कोशिश हुई। तय किया गया कि 38 विधानसभाओं में मुख्यमंत्री हरीश रावत और किशोर उपाध्याय संयुक्त रूप से दौरे कर कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान करेंगे।
पीसीसी ने उड़ी आतंकी हमले में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने, 19 नवंबर को जिला एवं ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने, उत्पीड़न का शिकार हो रहे व्यवसायियों केपक्ष में खड़े होने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। बैठक में हर लोकसभा क्षेत्र में संकल्प यात्रा करने का कार्यक्रम तय किया गया।