पर्वतीय राजस्व निरीक्षक, उप निरीक्षक और राजस्व सेवक संघ में लंबित मांगों का समाधान नहीं होने से रोष है। गुस्साए कर्मियों ने मंगलवार को तहसील प्रांगण में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। सभा में वक्ताओं ने समस्याओं का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
मंगलवार सुबह राजस्व निरीक्षक, उप निरीक्षक और राजस्व सेवक संघ के सदस्य प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल सिंह मेहता के नेतृत्व में तहसील में एकत्र हुए हुए। यहां हुई सभा में संघ के प्रदेश अध्यक्ष मेहता ने कहा कि संगठन लंबित मांगों को लेकर लंबे समय संघर्षरत है, लेकिन शासन स्तर पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
वक्ताओं ने समान कार्य के लिए समान वेतन देने, उच्चीकृत वेतनमान एक जनवरी 2006 से लागू करने, सेवा नियमावली संशोधित करने, सेवानिवृत्त तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को संविदा पर नहीं रखने, नायब तहसीलदारों के पदों पर रैंकर्स परीक्षा से भरने, राजस्व सेवकों के पदों को डाइंग कैडर से मुक्त करते हुए रिक्त पदों पर भर्ती करने, सात साल की सेवा के राजस्व निरीक्षक का प्रशिक्षण देने, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के रिक्त पदों पर डीपीसी बैठाने, राजस्व निरीक्षक क्षेत्रों का पुनर्गठन करने और नायब तहसीलदार के पदों पर कलक्ट्रेट लिपिकीय संवर्ग संग्रह अमीनों के कोटे से नहीं भरने की मांग की गई है।
प्रदर्शन करने वालों में जगदीश परिहार, आनंद पुरी, त्रिभुवन बोरा, मोहन भाकुनी, पंकज, सुरेश राठौर, संजय कुमार, रमेश चंद्र और भूपाल सिंह मटियानी आदि थे।