जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सभागार में पैरालीगल वालिंटियर की बैठक ली। उन्हें प्राधिकरण के इस साल के नेशनल प्लान आफ एक्शन के बारे में बताया। पीड़ितों को प्रतिकर दिलाने और आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला जज डा. ज्ञानेंद्र शर्मा ने कहा कि पैरालीगल वालिंटियर का कार्यक्षेत्र काफी व्यापक है। गांव स्तर से लोगों को न्यायिक प्रक्रिया के साथ जोड़ने और लाभ दिलाने का दायित्व उनके ऊपर है।
उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में पीड़ित व्यक्ति को धारा 135 ए के तहत आवश्यक अधिकार प्राप्त हैं। जरूरतमंदों को हक दिलाने के लिए वालिंटियर्स को गंभीरता से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकार ने जन कल्याण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं।
इसके बारे में लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। पैरालीगल वालिंटियर्स को लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए वैधानिक अधिकारों का भी प्रयोग करना चाहिए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रमणि राय ने स्वयं सेवकों को प्राधिकरण के कार्यक्रमों की जानकारी दी। गरुड़ की सविल जज जूनियर डिवीजन नेहा कुशवाहा ने इमानदारी के साथ काम करने की सलाह दी।
बागेश्वर के एसडीएम फींचा राम चौहान, सीओ धनी राम, जिला समाज कल्याण अधिकारी पीवी सिंह, जन शिक्षण संस्थान के निदेशक डा जितेंद्र तिवारी, अधिवक्ता नरेंद्र सिंह आदि ने भी विचार रखे। संचालन एडवोकेट गोविंद बल्लभ उपाध्याय ने किया। इस मौके पर बार ऐसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद भट्ट भी मौजूद थे।