लीती-गोगिना सड़क में किए सोलिंग की जांच करते एसडीएम
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एसडीएम रवींद्र बिष्ट ने आठ करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन पीएमजीएसवाई की लीती-गोगिना सड़क की जांच में भारी अनियमितता पकड़ी है। पैराफिटों के निर्माण में उन्हें सीमेंट की जगह मिट्टी मिली। सोलिंग के लिए लगाई जा रही सामग्री भी घटिया पाई गई। इसी वजह से उन्होंने डामरीकरण को रोक दिया है। सड़क में अवैध खनन कर रही जेसीबी को भी सीज कर दिया है। एसडीएम नेेे डीएम को निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की सिफारिश कर दी है।
एसडीएम ने शु्क्रवार को पीएमजीएसवाई की 18 किमी लंबी लीती-गोगिना सड़क का निरीक्षण किया। वह अपने साथ पीएमजीएसवाई के एई और जेई को भी ले गए। एसडीएम ने नव निर्मित पैराफिटों को तुड़वाया। उन्होंने बताया कि इनके निर्माण में अति निम्न स्तर की सामग्री लगाई गई थी। चिनाई सीमेंट की जगह मिट्टी से की गई है। लीती की ओर से बीच बीच में किया जा रहा डामर की गुणवत्ता भी निम्न स्तर की पाई गई। सोलिंग के लिए उपयोग किए जा रहे पत्थर बहुत ही कमजोर हैं। उन्होंने सड़क पर किया जा रहा डामरीकरण और सोलिंग भी रुकवा दिया है। एसडीएम ने बताया कि अवैध खनन में जुटी जेसीबी सीज कर दी गई है। विभाग से जानकारी मिली है कि अब तक ठेकेदार को पांच करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। एसडीएम ने बताया कि निर्माण कार्य में अत्यंत घटिया सामग्री लगाई गई है, जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी जरूरी है। उन्होंने डीएम को संस्तुति कर दी है। मालूम हो कि इस सड़क का निर्माण कार्य डेढ़ साल पहले शुरू हुआ था। एसडीएम ने बताया कि उन्हें डीएम ने इसकी जांच चुनाव से पहले दी थी। लेकिन चुनाव में व्यस्त होने की वजह से वह जांच अब कर पाए हैं।