बागेश्वर के नुमाइशखेत मैदान में शंकर फ्रूट प्रोडेक्ट के स्टॉल में लनगे उत्पाद। संवाद
बागेश्वर। उत्तरायणी मेले के केंद्र नुमाइशखेत मैदान में इस बार स्थानीय लघु उद्योगों की धमक साफ दिखाई दे रही है। गरुड़ के ज्वाणा स्टेट से पहुंचे शंकर फ्रूट प्रोडक्ट के स्टॉल पर उमड़ रही भीड़ इसका प्रमाण है। वर्ष 2016 से स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ रहे इस संस्थान के प्राकृतिक उत्पादों की शुद्धता ने लोगों का दिल जीत लिया है।
मेले में सबसे ज्यादा चर्चा बुरांश की चाय की है, जिसका 100 ग्राम का पैकेट 120 रुपये में उपलब्ध है। इसके अलावा सेहत के प्रति जागरूक लोगों के लिए कीवी का रस और शुगर फ्री कीवी जूस 220 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। स्टॉल पर माल्टा, बुरांश, आंवला और नींबू के जूस की बोतलें 150-150 रुपये में मिल रही हैं, जिन्हें खरीदने के लिए ग्राहकों में होड़ मची है। बाजार की मांग को देखते हुए उत्पादों के दाम बेहद वाजिब रखे गए हैं। सेब का जैम और चटनी 500 ग्राम 150 रुपये में उपलब्ध है। कीवी का जैम और चटनी 190 रुपये में बेची जा रही है। स्वास्थ्यवर्धक आंवला कैंडी के 200 ग्राम के पैकेट की कीमत 190 रुपये रखी गई है।
मेले में घूम रहे लोग मात्र 20 रुपये में 250 एमएल के ठंडे और ताजे जूस का आनंद भी ले रहे हैं, जिसमें बुरांश, माल्टा, नींबू और कीवी के फ्लेवर उपलब्ध हैं। स्वाद के शौकीनों के लिए यहाँ लिंगुड़े का विशेष आचार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसके साथ ही हरी मिर्च, लहसुन और आम का चटपटा आचार भी लोगों की थाली का जायका बढ़ा रहा है। प्राकृतिक रूप से तैयार आम, बुरांश और माल्टा की कैंडी की भी खूब बिक्री हो रही है। स्टॉल संचालक शंकर सिंह ने बताया कि 2016 से वे लगातार इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं, लेकिन इस बार के उत्तरायणी मेले में बाजार काफी शानदार रहा। स्थानीय उत्पादों की बढ़ती मांग ने लघु उद्योगों से जुड़े लोगों का उत्साह बढ़ाया है। वोकल फॉर लोकल के तहत लोग न केवल उत्पादों को पसंद कर रहे हैं, बल्कि भविष्य के लिए बड़े ऑर्डर भी दे रहे हैं।