कौसानी में सरला बहन की जंयती पर हुई संगोष्ठी में मंथन करते सर्वोदयी नेता। संवाद
गरुड़ (बागेश्वर)। समाजसेवी सरला बहन की जयंती समारोह के दूसरे दिन अनासक्ति आश्रम में सरला बहन की पुस्तक पर्वतीय विकास की सही दिशा पर गहन चिंतन मनन किया गया। संगोष्ठी में टनकपुर से क्योनी तक पदयात्रा निकालने सहित कई प्रस्ताव पारित किए गए।
डॉ. शेखर पाठक ने कहा कि सरला बहन की उत्तराखंड के विकास के लिए जो सोच थी वह आज तक साकार नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास लिए गांव की चौपाल में आज भी योजनाएं नहीं बन रही हैं। सरकार अपने चहेतों के विकास के लिए वर्षों से योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि अनुयोजित विकास से भूस्खलन आदि घटनाएं बढ़ रही हैं। संगोष्ठी में टनकपुर से क्योनी तक पदयात्रा निकालने पर मुहर लगी।
नदी बचाओ आंदोलन के प्रमुख सदन मिश्रा ने कहा कि वर्तमान में नदियों को बचाने की काफी जरूरत है। जल संवर्धन के लिए कागजों में नहीं धरातल पर काम होने चाहिए। संगोष्ठी के दौरान जमनालाल बजाज पुरस्कार से सम्मानित राधा बहन को सम्मानित भी किया गया। संगोष्ठी में पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, राजीव लोचन साह, बची सिंह बिष्ट, अनिरुद्ध जडेजा, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, सदन मिश्रा, गोपाल, डाॅ. वसुधा पंत, विजय शंकर शुक्ल, दिनेश लाल, राजीव नयन बहुगुणा, समीर रतुड़ी, इंद्रेश मैखुरी, पीसी तिवारी, प्रभात ध्यानी आदि मौजूद रहे।