बागेश्वर। विकास भवन सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या की अध्यक्षता में आयोजित जिला पंचायत की बैठक में पिछली बैठक में उठाई गई समस्याओं का समाधान नहीं होने पर सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जताई। बैठक में बिजली के करंट से हुई मौत के मामले में मुआवजा नहीं मिलने, ग्रामीण सड़कों की बदहाली, वन्यजीवों के आतंक और विद्यालयों में शिक्षकों की कमी समेत कई मुद्दे उठाए गए।
सदस्यों ने कहा कि नगर क्षेत्र की सड़कों को गड्ढामुक्त किया जा रहा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की अनदेखी हो रही है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने वन्यजीवों से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा जल्द देने और आबादी के लिए खतरा बने जंगली जानवरों को पकड़ने की मांग भी उठाई।
बैठक में गुरना और दफौट के विद्यालयों में बच्चों के बैठने की उचित व्यवस्था नहीं होने का मामला भी उठाया गया। सदस्यों ने संबंधित विभागों से समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने की मांग की।
पीएमजीएसवाई अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट ने अधिकारियों को बैठक में उठाई गई समस्याओं का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए। जैविक उत्पाद परिषद के उपाध्यक्ष भूपेश उपाध्याय ने जिले में लंबित विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा।
मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार ने संबंधित अधिकारियों को बैठक में प्राप्त शिकायतों की विभागवार सूची तैयार कर संबंधित विभागों को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी शिकायतों पर स्पष्ट जवाब तैयार कर सीधे शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष विशाखा खेतवाल, जिला पंचायत सदस्य गोपा धपोला, दीपक खुल्बे, जनार्दन लोहनी, भास्कर बोरा, नीमा गड़िया, ज्योति राठौर, सरोज आर्य, बलवंत राम और विजया कोरंगा समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे। संवाद