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जिपं सदन में पुलिस बुलाने के विरोध में एक नवंबर से होगा आंदोलन

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बागेश्वर के टीआरसी में पत्रकारों से बातचीत करते जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान सदस्य ह? - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिला पंचायत में बजट वितरण और पुलिस बुलाने के मामले को लेकर विपक्षी सदस्यों ने आंदोलन करने का एलान कर दिया है। विपक्षी सदस्यों ने 21 अक्तूबर को पास हुए बजट को लेकर कई खामियां गिनाई। जिला पंचायत अध्यक्ष, एसडीएम और कोतवाल के खिलाफ एक नवंबर से धरने पर बैठने की चेेतावनी दी।
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पर्यटक आवास गृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए विपक्ष की ओर से पूर्व जिपं अध्यक्ष और वर्तमान सदस्य हरीश ऐठानी ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत अध्यक्ष अपनों को लाभ पहुंचा रही हैं। उन्होेंने कहा कि नौ करोड़ के बजट में विकास के नाम पर जो 364 प्रस्ताव चढ़ाए गए हैं, उनमें जगह-जगह सोलर लाइट लगाने के प्रस्ताव चढ़ाए गए हैं।
एक ओर जिला पंचायत से पूरे जिले में सोलर लाइट लगाने का प्रस्ताव बना है तो वहीं अलग-अलग जिपं क्षेत्रों के आधार पर भी सोलर लाइट लगाने की बात कही गई है, जबकि सोलर लाइट कई अन्य मदों से भी लगाई जाती हैं।
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गरुड़ नगर पंचायत के चुनाव को देखते हुए भकुनखोला जिपं क्षेत्र में भी विकास के नाम पर धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। जिपं क्षेत्र के कई गांव नगर पंचायत में शामिल होने के बावजूद बजट में यहां सोलर लाइट लगवाने के लिए दो-दो प्रस्ताव चढ़ाए गए ह्रैं। बजट में कई प्रस्ताव ऐसे हैं, जिनके बारे में स्पष्ट जानकारी तक नहीं दी गई है।
उन्होंने कहा कि नियोजन समिति की बैठक के दौरान जिस प्रकार से जिपं अध्यक्ष ने एसडीएम को फोन कर सदन में पुलिस बुलाई, वह निंदनीय है। छह महिला सदस्यों के वहां होने के बावजूद एसडीएम के निर्देेश पर कोतवाल बिना महिला पुलिस के पहुंचे और सत्ता की हनक दिखाने लगे। मामले में एएमए की ओर से बंधक बनाने की बात नहीं की गई है, बावजूद इसके पुलिस के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। अब आंदोलन के माध्यम से ही न्याय की मांग की जाएगी। वहां पर जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार, जिपं सदस्य इंद्रा परिहार, गोपा धपोला, वंदना ऐठानी, रूपा कोरंगा, रेखा देवी, सुरेश खेतवाल मौजूद रहे।
सदस्यों ने पूर्व किया था 74 दिन का आंदोलन
बागेश्वर। जिला पंचायत में बजट वितरण में असमानता को लेकर पूर्व में विपक्षी सदस्यों ने 74 दिन का आंदोलन किया था। पूर्व जिपं अध्यक्ष ने कहा कि आंदोलन को समाप्त करवाने के लिए एसडीएम, तहसीलदार आए थे और मामले की जांच कराने की बात हुइ थी। प्रभारी मंत्री ने भी मामले की जांच के आदेश दिए थे लेकिन अब तक कोई जांच नहीं हुई। संवाद
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