बागेश्वर। जिले में बिना प्रशिक्षण ग्रास कटर मशीनों का संचालन किसानों के लिए घातक साबित हो रहा है। अब तक 20 से अधिक लोग इन मशीनों से चोटिल होकर जिला अस्पताल के आपातकालीन विभाग में पहुंच चुके हैं। पारंपरिक दराती छोड़कर आधुनिक मशीनों का उपयोग करने वाले किसान थोड़ी सी लापरवाही से गंभीर चोटों का शिकार हो रहे हैं।
लिली, गैनाड़ निवासी भोपाल सिंह बीते दो वर्षों से ग्रास कटर मशीन का प्रयोग कर रहे थे। घास काटते समय मशीन अचानक अनियंत्रित हो गई और पास में खड़ी उनकी पत्नी कमला देवी (48) के हाथ और पैर में चोट लग गई। उनका अस्पताल में उपचार चल रहा है।
तुपेड़ निवासी कैलाश सिंह (37) भी बीते मंगलवार को घास काटते समय ग्रास कटर मशीन की चपेट में आने से जख्मी हो गए। जिला अस्पताल में उनका उपचार किया जा रहा है। जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस और वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरिजाशंकर जोशी किसानों से अपील की है कि इन मशीनों को चलाने से पहले पूरी ट्रेनिंग लें। उन्होंने सुरक्षा उपकरण अपनाने और अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है।