इस साल 40 लाख का घाटा झेल चुका है बागेश्वर डिपो
अक्तूबर से दिसंबर तक रोजाना हुआ 80 हजार का घाटा
बागेश्वर। बागेश्वर डिपो लंबे अरसे से खराब बसों की समस्या से जूझ रहा है। पुरानी और खराब बसों से जहां यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है वहीं डिपो को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। नए साल में डिपो को करीब 40 लाख का घाट हो चुका है। जबकि पिछले साल के आखिरी तीन महीनों में आठ लाख रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा था।
वर्तमान में रोडवेज डिपो में 15 बसों का बेड़ा उपलब्ध है जिसमें से अधिकतर बस खराब होकर खड़ी हैं। पिछले साल अक्तूबर से खराब बसों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। इसका असर डिपो की कमाई पर पड़ रहा है। डिपो कार्यालय के अनुसार पिछले साल अक्तूबर से दिसंबर तक खराब बसों के कारण डिपो को रोजाना 80 हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था। इस साल एक जनवरी से रोजाना तकरीबन एक लाख रुपये का घाटा हो रहा है।
इनसेट
तीन बस डिपो में तो तीन काठगोदाम में खड़ीं
बागेश्वर। शुक्रवार को भी रोडवेज डिपो की छह बस खराब थीं। तीन बस खराब होकर रोडवेज डिपो की अस्थायी कार्यशाला में खड़ी हैं जबकि तीन बस काठगोदाम में मरम्मत का इंतजार कर रही हैं।
कोट
रोडवेज डिपो की अधिकतर बसों के पुरानी होने से दिक्कत आ रही है। खराब होने पर बसों की मरम्मत कराकर सेवा सुचारू की जा रही है। मार्च तक डिपो को नई बस मिलने की उम्मीद है।
- राजेंद्र कुमार, प्रभारी सहायक महाप्रबंधक, बागेश्वर डिपो