स्वास्थ्य कर्मियों के खाली पदों से ग्रामीणों को नहीं मिल रही स्वास्थ्य सुविधा, सीएचसी की लगा रहे दौड़
कपकोट (बागेश्वर)। ब्लॉक के ग्रामीण अंचलों में बने 16 हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के पद रिक्त चल रहे हैं। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उपकेंद्रों में फार्मासिस्टों के 15 पद भी खाली हैं। कार्मिकों की कमी से लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए सीएचसी कपकोट की दौड़ लगानी पड़ रही है।
ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने में हेल्थ एवं वेलनेस केंद्रों का अहम योगदान है। केंद्र में लोगों की छोटी बीमारियों का इलाज, जांच आदि होते हैं। बीमारी गंभीर होने पर सीएचओ मरीजों को बड़े अस्पताल में जाकर जांच कराने की सलाह भी देते हैं। वहीं पीएचसी और उपकेंद्र में तैनात फार्मासिस्ट लोगों को दवा वितरण करने के साथ-साथ प्राथमिक उपचार में भी मदद करते हैं। विकासखंड के कई सेंटरों में सीएचओ और फार्मासिस्टों के पद खाली होने से मरीजों को दिक्कत हो रही है।
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इन केंद्रों में रिक्त हैं सीएचओ और फार्मासिस्ट के पद
कपकोट। लोहारखेत, लाहुर, बदियाकोट, बोरबलड़ा, जलमानी, सिमगढ़ी, तीख, सोराग, शामा, खाती, फरसाली, कपकोट, उद्यमस्थल, वाछम, गोगिना और चलकाना में सीएचओ के पद खाली हैं। पीएचसी लाहुर, लोहारखेत, बदियाकोट, जलमानी, खाती और उपकेंद्र तीख, माजखेत, पुड़कूनी, असों, सूपी, रंगदेव, बघर, बोरबलड़ा, सोराग, हरसिंग्याबगड़ में फार्मासिस्ट के पद खाली हैं।
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सीएचओ और फार्मासिस्ट के रिक्त पदों के बारे में उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया है। जल्द ही रिक्त पदों पर स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती होने की उम्मीद है।-डॉ. जीतेश कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी कपकोट