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जागरण की रात चौक बाजार में सजी झोड़ा-भगनौल की महफिल,

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बागेश्वर के चौक बाजार में बुधवार की रात भगनौल गाते लोक कलाकार। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। उत्तरायणी मेले में दूर दराज से आने वाले लोगों ने जागरण की रात चौक बाजार और बागनाथ मंदिर में झोड़ा, भगनौल और भजन गायन किया। चौक बाजार में देर रात तक महफिल सजी रही। अलाव की तपिश के बीच कलाकारों ने लोक गायन कर रात गुजारी। बागनाथ मंदिर में ठहरे लोगों ने भी भजन गायन और आराधना कर मकर संक्रांति के सूरज उगने का इंतजार किया।
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मकर संक्रांति पर सरयू स्नान और बागनाथ दर्शन की आकांक्षा लेकर कई श्रद्धालु एक दिन पहले ही जिला मुख्यालय पहुंच गए। अन्य सालों की तरह इस बार भी चौक बाजार में झोड़ा, भगनौल, न्योली, छपेली की महफिल सजी। खरही मंडल, कत्यूर घाटी और सोमेश्वर की बोरारौ घाटी के विभिन्न गांवों से आए लोगों ने देर रात तक लोकगीतों के विभिन्न विधाओं के माध्यम से एक दूसरे का मनोरंजन किया। इस दौरान चौक बाजार बरमा वे त्यार लिजि धपेली लाई, गोविंदी त्यर मैत को जोगि अरौ छौ सहित कई लोकगीत पेेश किए गए। इसके अलावा कुमाऊंनी आंण-काथ (लोकोक्तियां और मुहावरे) भी सुनने को मिले। इधर बागनाथ मंदिर में ठहरे लोगों ने पारंपरिक और आधुनिक भजनों के साथ भगवान शिव की स्तुति की। ग्रामीणों की महफिल का आनंद लेने पहुंचे प्रदीप, महेंद्र आदि ने बताया कि इस साल चौक बाजार में हुए कार्यक्रम में अन्य सालों की तरह उत्साह नहीं था। कोरोना के लोग डरे थे तो प्रशासन की सख्ती करने की आशंका भी उन्हें भयभीत कर रही थी। (संवाद)
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