बागेश्वर डिग्री कालेज में तैनात पुलिस और पीएसी।
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छात्र संघ चुनाव पास आते ही एनएसयूआई ने भी कालेज में आंदोलन का मोर्चा खोल दिया है। एनएसयूआई छात्र एबीवीपी कार्यकर्ताओं के आंदोलन स्थल के ठीक सामने ही अनशन पर बैठ गए। आपसी टकराव की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने उन्हें हटने को कहा। लेकिन आंदोलित छात्र अपनी जगह से टस से मस नहीं हुए। अनशन में एनएसयूआई के भी कूदने से छात्र राजनीति गरमा गई है।
मंगलवार को कालेज परिसर में एनएसयूआई छात्रों ने कालेज की समस्याओं और सभी को प्रवेश की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया। एनएसयूआई के छात्र एबीवीपी के आंदोलनस्थल के सामने ही क्रमिक अनशन पर बैठ गए। उन्होंने कालेज की समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन भी किया। एनएसयूआई के अनशन में छात्र संघ के पदाधिकारी भी शामिल थे। इस दौरान छात्रों ने प्रभारी प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा और समस्याओं के निस्तारण तक अनशन पर डटे रहने का एलान किया।
इधर, एनएसयूआई के एबीवीपी के अनशन स्थल के सामने मोर्चा संभालने से टकराव के हालातों को देखते हुए एसडीएम और कोतवाल कालेज पहुंचे। एसडीएम राकेश तिवारी और कोतवाल टीआर वर्मा ने उन्हें दूरी बनाकर आंदोलन करने को कहा। लेकिन एनएसयूआई छात्र नहीं माने। इसे देखते हुए कालेज में अतिरिक्त पीएसी तैनात कर दी गई। इस दौरान छात्र संघ उपाध्यक्ष गोविंद चंदोला, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष गोकुल परिहार, सौरभ कठायत, गणेश कुमार, अभिजीत प्रकाश, प्रकाश बाछमी, राहुल बनकोटी आदि थे।
उधर, कालेज में एबीवीपी का अनशन आठवें दिन भी जारी रहा। उन्होंने कालेज की समस्याएं दूर न होने पर आमरण शुरू करने की चेतावनी दी। अनशन पर सुंदर दानू और राजू दानू बैठे। इस दौरान आदर्श कठायत, दीपक घस्याल, हरीश मेहरा, योगेश जोशी, भूपेंद्र दानू, मनीष कुमार आदि थे।