देश-विदेश से घूमने के लिए आने वाले पर्यटक अब ठगी का शिकार नहीं होंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार ने पर्यटन से जुड़ी सभी एजेंसियों और यूनिटों के लिए रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता कर दी है।
पर्यटन के क्षेत्र में कार्य करने वाली सभी यूनिटों को रजिस्ट्रेशन के साथ ही रेट लिस्ट भी जारी करनी होगी। पर्यटन विभाग सभी संस्थाओं की जानकारी विभागीय वेबसाइड में अपलोड करेगा।
मालूम हो कि उत्तराखंड में अभी तक पर्यटन विभाग में केवल सराय एक्ट के तहत होटलों का पंजीकरण ही होता था। जबकि पर्यटकों से अच्छी कमाई करने वाले टूर आपरेटरों के साथ ही आवास, भोजन, मनोरंजन, साहसिक पर्यटन, योगा की सुविधा मुहैैया कराने वाली संस्थाओं के रजिस्ट्रेशन की कोई व्यवस्था नहीं थी।
ऐसे में देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अक्सर ठगी का शिकार हो जाते थे। प्रदेेश सरकार ने पर्यटकों को ठगी से बचाने के लिए अब रजिस्ट्रेशन जरूरी कर दिया है। इसके तहत हर संस्था को उत्तराखंड पर्यटन एवं यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली के तहत क्षेत्र के जिला पर्यटन कार्यालय में पंजीकरण कराना जरूरी होगा।
रजिस्ट्रेशन के दौरान पर्यटकों से लिए जाने वाले शुल्क का उल्लेख भी करना होगा। पर्यटन विभाग रजिस्ट्रेशन कराने वाली संस्था का पूरा ब्योरा विभागीय वेबसाइट में अपलोड करेगा। पर्यटक ऑनलाइन सभी तरह के रेटों के बारे में पता कर सकेंगे। इससे कोई भी एजेंसी रेटों में पर्यटकों के साथ धोखाधड़ी नहीं कर सकेगी।