पिंडारी, कफनी व सुंदरढूंगा ग्लेशियरों की खूबसूरती का महसूस करने को बेताब पर्यटकों का इंतजार खस्ताहाल ट्रैक के कारण बढ़ गया है। अब प्रशासन ने ऐहतियातन पिंडारी ग्लेशियर जाने पर प्रतिबंध की अवधि 15 सितंबर तक बढ़ा दी है।
पिंडारी ग्लेशियर जाने वाले ट्रैक रूट पर ग्रामीण खाती गांव तक ही बेहद मुश्किल से जा रहे हैं। द्वाली में पिंडर नदी में बना लकड़ी का पैदल पुल बह गया है। इसे अभी तक बनाया नहीं जा सका है। पैदल रास्ते भी बह गए हैं। जिला प्रशासन ने आपदा काल को देखते हुए पिंडारी, कफनी तथा सुंदरढूंगा ग्लेशियरों की सैर पर रोक की अवधि बढ़ा दी है। वन विभाग ने एक सितंबर से ग्लेशियर पर लगाई रोक हटाने का निर्णय लिया था। 29 अगस्त को मल्ला दानपुर के कुछ हिस्सों में जोरदार बारिश से और नुकसान हुआ। अब 15 सितंबर तक रोक रहेगी।
पिंडारी ग्लेशियर-
ऊंचाई- 3832 मीटर
यात्रा- चार दिवसीय
रोड हैड - खरकिया
बेस कैंप - बागेश्वर
पड़ाव - खाती, फुरकिया, द्वाली, खरकिया
पैदल मार्ग -सौंग-लोहारखेत-धाकुड़ी-खाती-द्वाली-फुरकिया, जीरो प्वाइंट
सड़क मार्ग- बागेश्वर-कपकोट-कर्मी-धूर-खरकिया तक
कोट
-पिंडारी ग्लेशियर सहित उच्च हिमालयी क्षेत्र में जाने पर ऐहतियातन रोक है। शासन ने भी अलर्ट जारी किया हुआ है। पर्यटकों को सलाह है कि वह ग्लेशियर क्षेत्र में 15 सितंबर तक न जाएं।
-रंजना राजगुरु, डीएम बागेश्वर
- भारी बरसात से पिंडारी ग्लेशियर जाने वाली सड़क तथा पैदल मार्ग ध्वस्त हो गए हैं। पिंडर नदी में बना पैदल पुल भी बह गया है। 15 सितंबर के बाद लोक निर्माण विभाग की टीम मार्ग का सर्वे करेगी।
- ओंकार पांडेय, एई लोक निर्माण विभाग, कपकोट