कपकोट में विधायक को ज्ञापन सौंपते व्यापारी।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट से गत 13 मई को पीपीपी मोड हट गया था। तब लोगों को उम्मीद थी कि पीपीपी मोड हटने से अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधर जाएंगी। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है। डाक्टरों की तैनाती होना तो दूर शासन ने यहां कार्यरत एक डाक्टर को मुनस्यारी भेज दिया है।
इससे आक्रोशित व्यापारियों ने विधायक बलवंत भौर्याल को ज्ञापन देकर डाक्टर को वापस बुलाने, क्षेत्र समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की। ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि जब से अस्पताल पीपीपी मोड हटा है इसकी व्यवस्थाएं भी चौपट हो गई हैं। अस्पताल में फिजीशियन, सर्जन, हड्डी, नेत्र, बाल विशेषज्ञ और आपातकालीन डाक्टर समेत कई पद खाली है। अल्ट्रासाउंड मशीन विशेषज्ञ के बगैर धूल फांक रही है। डा. विनोद तिवारी अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे थे। उन्हें भी अल्प समय में ही मुनस्यारी भेज दिया है। डॉक्टरों कमी के कारण अस्पताल अब रेफर सेंटर की भूमिका निभा रहा है। ज्ञापन देने वालों में व्यापार मंडल कपकोट के अध्यक्ष तारा कपकोटी, सचिव हेम कपकोटी, कोषाध्यक्ष नवीन उपाध्याय, मदन लाल और नारायण सिंह आदि थे।