बागेश्वर। कोरोना के कारण इस वर्ष जिला मुख्यालय में रामलीला नहीं होगी। रामलीला समिति ने सौ साल से भी अधिक समय से होती आ रही रामलीला को सांकेतिक रूप में मनाने का निर्णय लिया है। कपकोट की आयोजन समिति पहले ही रामलीला न करने का निर्णय ले चुकी है।
रामलीला समिति के अध्यक्ष मनोज पांडेय की अध्यक्षता में रविवार को हुई बैठक में रामलीला के आयोजन पर चर्चा की गई। समिति के मुख्य संयोजक नवीन साह ने बताया कि इस वर्ष कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सर्वसम्मति से रामलीला आयोजन स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। बताया कि रामलीला को सांकेतिक रूप से मनाया जाएगा। इसके तहत रामनवमी को रामआरती, कोरस और रामजन्म का मंचन होगा। दशहरे पर रावण का पुतला दहन होगा। इस कार्यक्रम के बाद रामदरबार की झांकी निकालने के साथ भगवान राम का राज्याभिषेक किया जाएगा। बैठक में विजय वर्मा, उमेश साह, हरीश सोनी, कंचन साह, कौशल उपाध्याय, नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष हरीश सोनी, जगदीश, नारायण, पंकज, नीरज, मुरली, दीपक आदि थे। वहीं, कपकोट में रामलीला समिति ने रामलीला का आयोजन पहले ही स्थगित कर दिया है। गरुड़ में फिलहाल रामलीला आयोजन को लेकर कोई निर्णय नहीं हो सका है।