बागेश्वर। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जिले में रेडियोलॉजिस्ट न होने का संज्ञान लिया है। स्वास्थ्य महानिदेशालय के सक्रिय होने से जिले में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की उम्मीद जगी है। मालूम हो कि अमर उजाला ने 23 अगस्त और तीन सितंबर के अंक में इस मामले में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बैजनाथ में रेडियोलॉजिस्ट के पद खाली हैं। इस कारण सीएचसी बैजनाथ में अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। अस्थायी व्यवस्था के तौर पर जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. एलएस टोलिया अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं। फिर भी पर्याप्त संख्या में अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. टोलिया के पास कोविड अस्पताल का भी अतिरिक्त प्रभार होने के कारण उन्होंने 31 अगस्त से अल्ट्रासाउंड नहीं करने का निर्णय लिया था।
इस पर अमर उजाला ने एक सितंबर को बागेश्वर में अल्ट्रासाउंड बंद संबंधी खबर प्रकाशित की थी। तीन सितंबर के अंक में अल्ट्रासाउंड न होने से हो रही परेशानी भी छपी थी। इसके बाद कांग्रेसियों ने विरोध-प्रदर्शन किया था। इसका डीएम विनीत कुमार और सीएमओ डॉ. बीडी जोशी ने संज्ञान लिया था। डीएम, सीएमओ के निर्देश पर सीएमएस तीन सितंबर से अल्ट्रासाउंड करने लगे। अब सीएम ने भी मामले का संज्ञान लिया तो स्वास्थ्य महानिदेशालय बागेश्वर में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए सक्रिय हो गया है।
कुछ दिन पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशालय से बागेश्वर जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट भेजने की बात कही थी, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हुई है। हालांकि रेडियोलॉजिस्ट की जल्द तैनाती की उम्मीद है।
- डॉ. बीडी जोशी, मुख्य चिकित्साधिकारी बागेश्वर।