बागेश्वर। कपकोट ब्लॉक के सुदूरवर्ती उडियार ग्राम पंचायत में न तो डाकघर है और न ही एएनएम सेंटर। अनेक तोकों में पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। गांव में खड़िया की खान है, जिसमें स्थानीय से अधिक रोजगार बाहरी लोगों को मिलता है।
ईस्कूल का इंटर में उच्चीकरण हुआ लेकिन इसमें एक भी प्रवक्ता की तैनाती नहीं हुई। कॉलेज में विज्ञान की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार उडियार ग्राम पंचायत की जनसंख्या 622 पहुंच गई है। गांव में कुल 475 मतदाता हैं। करीब आठ तोकों में बंटी ग्राम पंचायत बालीघाट-रीमा-धरमघर से जुड़ी है। इस गांव की समस्या विकास से कोसों दूर वाले गांवों की तरह ही है।
ग्राम प्रधान कुंवर राम का कहना है कि गांव में एएनएम सेंटर, डाकखाना नहीं है। राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल खोलने, जीआईसी में कला वर्ग में प्रवक्ता, विज्ञान वर्ग की मान्यता की मांग कई बार की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
उपप्रधान सुंदर सिंह का कहना है कि कारपाटी, अनुसूचित जाति बस्ती, मल्ला, तल्ला गांव, रिखांणी, पाथरयों तोकों में पीने का पानी तक नहीं मिल रहा। ग्रामीणों को एक किमी दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है।
आनंदी देवी का कहना है कि गांव से 50 मीटर की दूरी पर सड़क है लेकिन उसकी हालत खराब है। अनुसूचित जाति बस्ती समेत गांव में कुल छह बिजली के पोल सड़-गल चुके हैं। इनके कभी भी गिरने की आशंका है।
आनंद सिंह का कहना है कि पिछले वर्ष और इस साल की भारी बारिश में गांव के रास्ते कई जगह टूट चुके हैं। दैवी आपदा मद से भी गांव को कोसों दूर रखा गया है। रास्तों का पुनर्निर्माण न होने से बच्चों को स्कूल, हैंडपंप से पानी लेने जाने वालों के गिरने का खतरा बना है।
कपकोट के विधायक ललित फर्स्वाण बताते हैं कि उडियार हाईस्कूल का उच्चीकरण करवा दिया है। बालीघाट-रीमा-धरमघर सड़क का चौड़ीकरण हॉटमिक्स कराया जा रहा है। गांव की समस्याएं संज्ञान में हैं। लंबित समस्याओं के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।