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Bageshwar News: अस्पताल में नब्ज टटोलने वाला कोई नहीं, एकमात्र फिजिशियन छुट्टी पर

Sat, 04 Jul 2026 01:08 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
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बागेश्वर। जिला अस्पताल के सीएमएस को बिना किसी प्रतिस्थानी के तत्काल रिलीव किए जाने का खामियाजा अब बेकसूर जनता को भुगतना पड़ रहा है। शासन के इस अदूरदर्शी फैसले के बाद जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह बदहाल हो चुकी हैं। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि शुक्रवार को अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे मरीज और उनके तीमारदार जमीन पर बैठकर घंटों चिकित्सकों का इंतजार करने को मजबूर दिखे।
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शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे जब जिला अस्पताल की जमीनी हकीकत परखी गई, तो पूरी व्यवस्थाएं रामभरोसे नजर आईं। अस्पताल की ओपीडी से लेकर गैलरी तक मरीजों की भारी भीड़ थी लेकिन इलाज देने वाले हाथ लोगों को नहीं मिले। जिले के एकमात्र फिजिशियन के अचानक अवकाश पर चले जाने से अस्पताल में सामान्य सर्दी, जुकाम, बुखार और पेट दर्द जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी देखने वाला कोई नहीं था।
दूर-दराज के गांवों से पहुंचे सैकड़ों मरीज बिना उपचार के ही लौटने के लिए मजबूर हुए। वर्तमान में जिला अस्पताल का प्रशासनिक प्रभार एक हड्डी रोग विशेषज्ञ के पास है।
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शुक्रवार को वे ओपीडी के बजाय ओटी में एक मरीज के ऑपरेशन में व्यस्त थे। जिला अस्पताल की महिला रोग विशेषज्ञ को भी डीएम की बैठक में बुलाया गया था जिससे महिलाएं उनके कक्ष के बाहर इंतजार करती रही।
अस्पताल की अव्यवस्था का आलम यह था कि एक अतिरिक्त चिकित्सक को अस्पताल का कार्यवाहक सीएमएस बनाकर डीएम की बैठक में भेज दिया गया था। यानी मुख्य प्रशासनिक और चिकित्सकीय स्टाफ ओपीडी से पूरी तरह बाहर था। सुबह 11 बजे अस्पताल में केवल सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ और डेंटल सर्जन की ओपीडी ही संचालित हो रही थी। शेष कक्षों में सन्नाटा था।


मर्ज के इलाज के लिए जमीन का सहारा
अस्पताल पहुंचे मरीज टोकन लेने के बाद भी घंटों लाइनों में खड़े रहे। बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां और अन्य सुविधाएं न होने के कारण बुजुर्ग, महिलाएं और बीमार लोग अस्पताल के फर्श पर बैठकर डॉक्टरों की राह देख रहे थे। स्थानीय जनता ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य दावों के विज्ञापन कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जिले के सबसे बड़े अस्पताल को प्रभारी विहीन और डॉक्टर विहीन छोड़कर जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है।


जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक डीएम की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। दो चिकित्सकों का बैठक में रहना अनिवार्य था। प्रभारी सीएमएस को जरूरी सर्जरी करनी थी, उनकी जगह अन्य चिकित्सक को बैठक में बुलाया गया था। बैठक समाप्त होते ही सभी को अस्पताल भेज दिया था। फिजिशियन अवकाश पर हैं उनके आने के बाद ओपीडी का संचालन होगा। - डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर
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